चित्तौड़गढ़। भारतीय संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की 67 वीं पुण्य तिथि महापरिनिरवाण दिवस पर भारतीय बहुजन साहित्य अकादमी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष मदन सालवी ओजस्वी ने बताया कि सामाजिक क्रांति के अग्रदूत, मानव जीवन को समानता का हक दिलाने वाले, संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर की केवल जय जयकार करने मात्र से काम नहीं चलेगा। उनके बताए मार्ग पर जो कोई भी चलता है, जीवन में अंधकार से बाहर निकलता है तथा जीवन में चौमुखी विकास करता है।
ओजस्वी ने बताया कि बाबा साहब को मानने से अच्छा है उनको समझें और जाने, उनके त्याग और बलिदान तथा उनको समझ कर उनके विचारों को प्रसारित करने की जरूरत है। केवल जय जयकार करने से, जय भीम के नारे मात्र लगा देने से सामाजिक बदलाव नहीं होना है।
बाबासाहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने एवं प्रचार करने की और उनके बताए रास्ते पर चलने की आज देश के हर कौने-कौने में जरूरत है। बाबा साहब के परिनिर्वाण दिवस पर अनेकों महिलाओं पुरुषों जागरूक पदाधिकारियों ने उनके जीवन चरित्र पर विचार सुने तथा उनको भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर उन्हें नमन करते हुए बाबा साहेब को विश्व का महान सपूत बताया।