शाजापुर। पेट्रोल पम्पों पर भाईबंदी, रिश्तेदारी, ग्राहकी आदि ने पेट्रोलियम नियमों को तोड़-मरोड़ डाला है। पम्पों पर डिब्बे, बोतल आदि में पेट्रोल देने की मनाही बेसअर हो गई है। पेट्रोल पम्पों पर कर्मचारियों के द्वारा कैमरे से बचते हुए आड़ करके डिब्बे में पेट्रोल दिया जा रहा है, जिससे आग लगने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।
शहर के पेट्रोल पम्पों पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे दिखावा बन गए हैं। कैमरों की आड़ से बचते हुए कर्मचारी मनमानी पर उतारू हो गए हैं। ये कर्मचारी कैमरों की नजर बचाकर डिब्बे में पेट्रोल दे रहे हैं। इस बारे में इन कर्मचारियों की दलील रहती है कि मजबूरी में पेट्रोल चाहिए था, इसलिए आधा लीटर दे दिया है।
ये था नजारा सोमवार को जहां पर पेट्रोल डलवाने आने वाले लोगों को कैमरे के सामने से चोरी-छिपे पेट्रोल डिब्बों में प्रदान किया जा रहा है कलेक्टर दिनेश जैन ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को डिब्बे में पेट्रोल नहीं देने का आदेश भी जारी करवा दिया गया जो हर पेट्रोल पंप पर आदेश के रूप में लिखा हुआ भी है, लेकिन शाजापुर के टंकी चौराहा स्थित भारत पैट्रोलियम पेट्रोल पंप पर आए दिन नियम कानून को ताक में रखकर डिब्बों, केन, बोतल में पेट्रोल दिया जा रहा है।
शहर के टंकी चौराहा सहित जिले के अन्य पेट्रोल पंपों में कर्मचारी प्लास्टिक की बोतलों में पेट्रोल देते आसानी से नजर आ जाते हैं। जबकि एक्सप्लोसिव एक्ट 1983 की धारा के तहत प्लास्टिक की बोतलों में पेट्रोल देना लेना प्रतिबंधित है। लोगों के सुरक्षा के मद्देनजर इस पर पाबंदी लगाना जरूरी भी है, लेकिन पंपों पर खुलेआम इस नियम से खिलवाड़ करते तथा बिना आनाकानी किए बोतलों में पेट्रोल डाल दिया जाता है। पेट्रोलियम पदार्थ अत्यंत ज्वलनशील होता है। आसपास हल्की सी भी चिंगारी इस व्यवस्था पर भारी पड़ सकती है। इसके लिए सरकार ने सुरक्षा नियम तय किए हैं जिसका पालन सभी पेट्रोलियम कंपनी के पंपों में अनिवार्य रूप से करना होता है। लेकिन जिले के पेट्रोल पंप में कर्मचारी इस नियम को ठेंगा दिखाकर पेट्रोल बेच रहे हैं। अपने इस कृत्य से स्वयं पंप परिसर में मौजूद लोगों की जान को खतरे में डाल रहे हैं। लगभग जिले के सभी पेट्रोल पंप में ऐसा ही हो रहा है। उपभोक्ता भी इसके लिए काफी हद तक जिम्मेदार है।
क्या है एक्सप्लोसिव एक्ट-
एक्सप्लोसिव एक्ट 1983 के तहत पेट्रोल पंप में ग्राहकों को प्लास्टिक की बोतलों या कंटेनरों में पेट्रोल देना प्रतिबंधित है। इसी तरह पंप परिसर में पेट्रोल भराने के दौरान मोबाइल का उपयोग पर भी प्रतिबंध है क्योंकि पेट्रोलियम पदार्थ काफी ज्वलनशील तरल पदार्थ है और हल्की सी चिंगारी मात्र मिलने से यह जल उठता है। इससे तीव्रता से आग फैलने लगती है। आजकल लोग पानी की प्लास्टिक की बोतलों को पेट्रोल लाने ले जाने उपयोग में लाते हैं जो काफी खतरनाक है। यदि पेट्रोल देते समय इसमें आग लग जाए तो पंप में गंभीर हादसा हो सकता है। इसी तरह मोबाइल एक इलेक्ट्रानिक्स वस्तु है जिसके संचालन से स्पार्किंग होती है और यह स्पार्किंग पेट्रोल में आग लगा सकती है।