नीमच। करणी सेना परिवार के प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर आज नीमच आये। यहां उन्होंने आर्थिक आधार पर आरक्षण देने सहित 21 मुद्दों पर रैली की, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों का समर्थन मिला। दरअसल यह रैली उस आयोजन की पूर्व तैयारी की है जो 8 जनवरी को भोपाल के जम्बूरी मैदान में होने वाला है और उसमे करीब 10 लाख लोगांे के जुटने का दावा किया जा रहा है।
शेरपुर नौजवान है उनकी उम्र 31 साल है जब वे 24 साल के थे तब वे करणी सेना (सुखदेव गुट) से जुड़े और फिर एमपी में जमकर पाँव पसारे, शेरपुर सुर्खियों में तब आये जब फिल्म पद्मावत को बैंड करने के लिए उन्होंने रतलाम, उज्जैन और इंदौर में हज़ारों लोगो के साथ रैलियां की और फिल्म पद्मावत को एमपी सरकार ने बैंड भी कर दिया। करणी सेना से जुड़ने के बाद उन पर करीब 2 दर्जन पुलिस मुकदमे भी बने और वे परवान चढ़ते गए।
कुछ समय पूर्व करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह ने उन्हें करणी सेना से अलग कर दिया तो उन्होंने करणी सेना परिवार के नाम से नया संगठन खड़ा कर दिया आमतौर पर करणी सेना को भाजपाई समर्थन वाला संगठन माना जाता है, क्योंकि करणी सेना ने अब तक जो मुद्दे उठाती रही वे हिंदुत्व से जुड़े रहे हैं। लेकिन शेरपुर जबसे करणी सेना से अलग हुए है उनकी भाषा भाजपाई विरोध की लगती है।
शेरपुर की बात करे तो एमपी में वे ही करणी सेना थे करणी सेना द्वारा उन्हें अलग क्या किया गया पूरा एमपी का संगठन शेरपुर के साथ आ गया और उन्होंने करणी सेना परिवार का नाम दे दिया आज जब उनसे बातचीत हुयी तो उनका कहना था वे जम्बूरी मैदान पर जो हल्लाबोल करने जा रहे है उन्हें सरकार रोकना चाहती है और में ये आयोजन नहीं करू इसका मुझ पर दबाव बनाया गया, और जब में नहीं माना तो मुझे करणी सेना से अलग कर दिया गया।
शेरपुर अब भाजपा विरोध में बोलते नज़र आते है, वे कहते है जब भाजपा को हमने हमारे वोटो से सींचा, हम संघ की शाखाओ में सुनते रहे थे की देश में आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू होना चाहिए आज जब देश में भाजपा की बहुमत वाली सरकार है तो फिर क्यों आर्थिक आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा रहा क्या वे हमे एक टूल समझते है हम ये लेकर रहेंगे और यदि सरकार नहीं मानी तो आगामी विधानसभा चुनाव में 230 सीटों पर हमारे उम्मीदवार चुनाव मैदान में होंगे शेरपुर ने कहा की हम पाटीदार, धाकड़, ब्राह्मण जैसी सभी जातियों के उम्मीदवार को टिकिट देंगे जो जहाँ प्रभावी होगा।
शेरपुर ने कहा इन दिनों फिल्म पठान का जो विरोध चल रहा है वो बेमानी है जब सेंसर बोर्ड ही आपका है तो वो सीन तत्काल हटवा देना चाहिए, और यदि भगवे के प्रति सच्ची आस्था है तो उसके इस तरह उपयोग पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए ताकि उसका प्रदर्शन ही न हो वे यह भी कहते है की मुसलमानो को हम अलग नहीं कर सकते महाराणा प्रताप के सेनापति हक़ीम खां सूरी को कौन भूल सकता है, जिन्होंने भगवे की रक्षा में यह सौगंध खाई थी की जब तक महाराणा को फिर राज गद्दी पर नहीं बिठा देते तब तक हाथ से शमशीर (तलवार) नहीं छोड़ेंगे और हुआ भी यही वे जब शहीद हुए तो उनके हाथ में तलवार पकड़ी हुयी थी जो हाथ से छूटी नहीं और आखिरकार उन्हें तलवार के साथ ही दफनाया गया।
शेरपुर ने करणी सेना परिवार का गठन कर 21 मुद्दों पर पूरे प्रदेश में रैलियां की इन मुद्दों में आर्थिक आधार पर आरक्षण के साथ उन्होंने जो मुद्दे लिए है वे रोज़गार और किसानो से जुड़े भी है इसे उनकी समझ ही कहा जाएगा ताकि युवा और हर वर्ग का व्यक्ति उनसे जुड़ सके इन मुद्दों में अलग अलग विभागों में भर्तियां चालू करने, खाद्यान पर से जीएसटी हटाने, गौमाता के को राष्ट्र माता का दर्जा देने और एट्रोसिटी एक्ट में बिना जांच के गिरफतारी नहीं होने जैसे मुद्दे शामिल है।
शेरपुर पूरे आत्मविश्वास के साथ कहते है 8 जनवरी को जम्बूरी मैदान में तिल रखने की जगह नहीं रहेगी, 10 लाख से अधिक लोग इस मैदान में जुटेंगे और हम सरकार की नींद उड़ा देंगे।