नीमच। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश में कार्यरत 32 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी न्यायोचित दो प्रमुख मांगों को लेकर विगत 07 दिसम्बर 2022 से चरण बद्ध आंदोलन कर रहे हैं। जिसकी सूचना शासन प्रशासन को पूर्व में ही दी जा चुकी थी।
जानकारी में स्पष्ट उल्लेख था कि 14 दिसम्बर 2022 तक मांगों का संज्ञान नहीं लिया जाता है तो उस स्थिति में 15 दिसम्बर 2022 से 32 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अनिश्चित कालीन आन्दोलन पर चले जायंेगे। अनिश्चित कालीन आन्दोलन के दौरान 10 वे दिन दिनांक 24.12.2022 को भोपाल जिले में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी जेपी अस्पताल में शान्ति पूर्ण एवं गांधीवादी तरीके से धरना प्रदर्शन कर रहे थे। उसी समय स्वास्थ्य मंत्री का जेपी अस्पातल में निरीक्षण करने पहुंचे थे। विभाग के मुखिया होने के नाते संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर उन्हें अवगत कराया और फूल मालाओं से उनका स्वागत किया।
स्वास्थ्य मंत्री के जाने के उपरांत पुलिस प्रशासन द्वारा हमारे 10 साथियों को अन्याय पूर्ण एवं दमनकारी साजिश के तहत उन्हें रस्सी में बांधकर आदतन अपराधियों की तरह सडक रास्ते से जेल ले जाया गया, जिससे 32 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियो में आक्रोश है और पूरे मध्यप्रदेश में आज दिनांक 25.12.2022 को काले दिवस के रूप में मौन रहकर मुंह पर काली पट्टी बांधकर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है।
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ यह निवेदन करता है कि हमारे संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को सह सम्मान रिहा किया जाये। यही आपसे निवेदन स्वरूप अपेक्षा है। अगर हमारे साथियों को तत्काल रिहा नहीं किया जाता है तो 32 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी जेल भरो आन्दोलन करेंगे, जिसकी संपूर्ण जबाबदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।