देवास। जैन समाज के तीन दीक्षार्थियों ने सांसारिक जीवन छोड़कर संयम पथ पर अग्रसर होकर जैन संत की दीक्षा ली। जैन समाज के प्रांशुक कठेड़ हाट पिपलिया, प्रियांश लोढ़ा थांदला व पवन कासवा रतलाम ने सांसारिक जीवन छोड़कर संयम पथ की दीक्षा लेकर संसारिक जीवन छोड कर संत जीवन में प्रवेश किया हैं। सोमवार के दिन कृषि मंडी परिसर हाटपीपल्या में भव्य दीक्षा समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें जितेंद्र मुनि मसा, स्वयंमुनि मसा, धर्मेंद्रमुनि मसा आदि की उपस्थिति में दीक्षा कार्यक्रम संपन्न हुआ। तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान दीक्षा समारोह से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। दीक्षा समारोह कार्यक्रम में तीनों दीक्षार्थियों के परिजन व बडी संख्या में समाज जन उपस्थित रहे। आपकों बता दें हाटपीपल्या के प्रांशुक कांठेड़ अमेरिका में नौकरी करते थे। जहां उनका सवा करोड़ का सालाना पैकेज था जिसे छोड़कर दिक्षा लेकर सन्त जीवन में प्रवेश किया।