आज फिर आफत की बारिश और ओलावृष्टि ने एमपी के नीमच - मंदसौर जिले के किसानो की कमर तोड़ दी आज पूरे दिन नीमच - मंदसौर जिले के गाँवों से बर्बादी की तस्वीरें और वीडियो किसान भेजते रहे और अपनी तकलीफो को बयान करते रहे इस समय खेतो में गेंहू, अफीम, इसबगोल, धनिये और चने की फसल है इन फसलों में सबसे ज़्यादा नुकसानी अफीम और इसबगोल में बताई जा रही है जबकि अफीम में तो अनावरी का कोई नियम ही नहीं है
ये प्राकृतिक आपदा ऐसे समय में आयी है जब किसानो को उनकी उपज के दाम सही नहीं मिल रहे गेंहू, प्याज और लहसून के दामों को लेकर किसानो में भारी मायूसी चल रही है, इसी दौरान पिछले तीन दिन से मौसम ने करवट बदल ली दो दिनों से बादल के कारण अफीम किसानो में मायूसी थी क्योकि उनको डोडो से उतनी अफीम नहीं मिल रही जीतनी मिलनी चाहिए इसी बीच आफत के ओलो ने किसानो का दम निकाल दिया
नीमच जिले के रतनगढ़ के मोड़िया महादेव नाले का जो वीडियो आया उसे देखकर आप चौंक जाएंगे, जिसे देखकर ऐसा लगता है जैसे बारिश के मौसम में मूसलाधार बारिश हुयी है, यह नाला उफ़न रहा था वही पिपलिया मंडी टोल प्लाज़ा से जो तस्वीरें आयी उसमे सड़क पर ओलो की परत जम गयी जब सड़क का हाल यह है तो फिर खेतो का हाल क्या होगा
किसानो में फैली इस मायूसी में अभी सरकार में बैठे नेता जागे नहीं है, न ही उन्होंने खेतो का रुख किया है, जबकि होना ये चाहिए की नेताओ को तमाम कार्यक्रम रद्द कर तत्काल खेतो की तरफ दौड़ लगा देना चाहिए और अपने सीएम को बताना चाहिए की ग्राउंड ज़ीरो पर क्या हाल है किसानो का वही तत्काल अनावरी होना चाहिए और किसानो को फसल नुकसानी का मुआवजा तुरंत दिया जाना चाहिए दुःख की इस घडी में राजनैतिक दल बयानबाजी से दूर रहकर किसानो की दिल मदद करवाए तो बात बने