BREAKING NEWS
SHORT: रील नहीं, रियल समस्याएं सुलझाएं... CM मोहन.. <<     BIG UPDATE: बाइक की डिक्की में 30 लाख की अफीम,रतनगढ़.. <<     KHABAR : धनतेरस पर गांवों में पहुंचेंगे मंत्री,.. <<     VIDEO NEWS : अब घर बनाने से पहले नहीं करना होगा लंबा.. <<     BIG REPORT : दीपावली से पहले झाबुआ में श्रीलाभ.. <<     BIG UPDATE: टेंडर भी हुआ, कार्यादेश भी जारी... फिर.. <<     NEWS : पंचायत चुनाव से पहले चित्तौड़गढ़ में.. <<     BIG NEWS : नीमच जिले की रतनगढ़ थाना पुलिस और मानपुरा.. <<     REPORT : किस्तों का भुगतान करने के बाद भी बढ़ी.. <<     BIG UPDATE: 34 किस्तें जमा, सिर्फ 2 बाकी... फिर 60 हजार की.. <<     #देवास घटना पर #उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा.. <<     शाजापुर में रेलवे ट्रैक के पास मिला 50 वर्षीय.. <<     KHABAR : मुंगावली की महिलाएं आवास और पट्टे मांगने.. <<     REPORT : वार्ड 6 की गरीब बस्ती में विकास कार्यों पर.. <<     BIG NEWS : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नए उप पुलिस.. <<     BIG NEWS : कोटड़ाबुजुर्ग के जंगलों में पेड़ों की कटाई.. <<     BIG VIDEO UPDATE : अफीम नीति पर डॉ. सम्पत स्वरूप जाजू का.. <<     KHABAR : आधुनिकता की अंधी दौड़ में कहीं खो तो नहीं.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
April 16, 2023, 5:57 pm
BIG NEWS : एमपी में आरएसएस की चुनावी चौसर पर सोश्यल इंजीनियरिंग का दांव, पढ़े जर्नलिस्ट मुस्तफा हुसैन की ये ख़ास रिपोर्ट

Share On:-

एमपी में विधानसभा चुनाव की रणभेरी बज चुकी है, ये अलग बात है कि सामान्य आँखों से सबकुछ सामान्य दिख रहा है, लेकिन सही मायने में ऐसा है नहीं। राज्य की दोनों प्रमुख राजनैतिक पार्टिया ज़ीरो टॉलरेंस पर चुनाव की तैयारियों में लग चुकी है। कांग्रेस की बात की जाए तो उसने प्रदेश की 230 सीटों में से आधे पर अपने उम्मीदवार के नाम तक तय कर लिए हैं और बीजेपी की बात की जाए तो उसका सपना है अबकी बार 200 पार, जिसके लिए केंद्रीय भूमिका में पूरी तरह आरएसएस आ चुकी है। संघ ही अंदर खाने चुनाव की पूरी बिसात बिछाने की तैयारी कर रहा है। 
जानकारों की माने तो संघ ने यह फार्मूला निकाला है कि भ्रष्टाचार, अहंकार और जनता से दूरी बनाने वाले भाजपाइयों को अबकी बार सत्ता से दूर कर दिया जाए। भले ही वह तीसरी बार या चौथी बार के विधायक हो इसी लाइन को केंद्र बिंदु में रखकर संघ ने चौसर बिछाना शुरू कर दी है।

इसी के लिए संघ ने एक फार्मूला और तय किया है। वह यह की अबकी बार 15 से 20 प्रतिशत टिकिट ऐसे लोगों को दिए जाए जो सामाजिक क्षेत्र में काम करते हैं ताकि सोश्यल इंजीनियरिंग के तहत सीटों को निकाला जा सके। इसके लिए भी संघ की मजबूत टीम ने समूचे प्रदेश में उम्मीदवारों को चिन्हित करना शुरू कर दिया है।

एक और ख़ास बात यह की एमपी दलित और आदिवासी वोट निर्णायक भूमिका में है। उसी का परिणाम है कि बीजेपी की बिनाका गीत माला पर पिछले दो साल से दलित- आदिवासियों को रिझाने के गीत बज रहे हैं। सरकार की तमाम योजनाओं का पिटारा भी इन्हीं समाजों पर केंद्रित है। जैसा की सबको पता है प्रदेश में 47 सीटों पर आदिवासी और 35 सीटों पर दलित वोट निर्णायक भूमिका में हैं। ऐसे में ये 82 सीट जिस पार्टी की झोली में जाती है वो सरकार बनाने की ताकत पा जाएगा। इन्हीं आदिवासी वोटांे को अपनी तरफ करने के लिए संघ ने लम्बे समय से आदिवासी अंचल में अपने सेवा प्रकल्प चलाये हुए हैं। उसके सैंकड़ों स्वयं सेवक इन अंचलों में डेरा डाले हुए हैं।

कुल मिलाकर भाजपा जहां संघ और सत्ता के आसरे यह सेमीफाइनल जितना चाहती है तो कांग्रेस में कमलनाथ और दिग्गी राजा पूरे चुनाव अभियान की कमान संभाले हुए हैं। ये दोनों ही नेता अपने पुराने अनुभवों के आधार पर एमपी में सत्ता में वापसी की पटकथा लिख रहे हैं, एक तरफ भाजपा के पास मजबूत संगठन और संघ के अनुशासित सिपाहियों की फौज है। वहीं कांग्रेस पूरी तरह मतदाताओं के भरोसे चुनाव की तैयारी में लगी है।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE