कहते हैं पिता की दुआ और दया बेकार नहीं जाती है। ऐसे ही एक पिता ने अपनी किडनी देकर न केवल बेटे को मौत के मुंह से निकाल लिया। बल्कि परिवार को भी पतन से बचा लिया। भावुक बेटे ने कहा कि पिता ने उन्हें दूसरा जीवन देकर अपने पैरों पर खड़ा कर दिया है। अब दोनों की आगे की जिंदगी एक-एक किडनी पर कटेगी।
यह भावुक करने वाली कहानी नरसिंहपुर के गाडरवारा निवासी शैलेश शर्मा (34) की है। अचानक शरीर में सूजन होने और लगातार उल्टियां आने पर जब डॉक्टरों को दिखाया तो पता चला कि उनकी दोनों किडनियां खराब हो चुकी हैं। यह सुनते ही परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। 70 वर्षीय लाचार पिता वृंदावन शर्मा ने यहां-वहां भागदौड़ की पर कोई हल नहीं निकला। खुद की जांच कराई तो बेटे की किडनी से मैच कर गई। अधिक उम्र की वजह से हिचक थी पर वृंदावन किसी भी कीमत पर बेटे को बचाने के लिए कुछ भी करने को तैयार थे।
अंतत: उनकी किडनी शैलेश को लगाई गई और ऑपरेशन सफल रहा। उनका सफल ऑपरेशन करने वाले बड़ेरिया मेट्रो प्राइम हॉस्पिटल के नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ विशाल वडेरा और सर्जन डॉ राजेश पटेल ने बताया कि पिता-पुत्र दोनों स्वस्थ हैं। पिता की तो अस्पताल से छुट्टी भी कर दी गई है, बेटा अभी निगरानी में हैं। शैलेश ने कहा कि उनके पिता ने उन्हें यह दूसरा जन्म दिया है, वहीं बड़ेरिया मेट्रो प्राइम हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने नई जिंदगी परिवार को लौटाई है।
सकते में था परिवार
शैलेश परिवार के अकेले कमाने वाले हैं, उनके भाई और बहन की पहले ही आकस्मिक मृत्यु हो चुकी थी। जब उनकी बीमारी का पता चला तो परिवार सकते में आ गया। वे बताते हैं कि माता-पिता भर ही नहीं बल्कि छोटे बच्चों की जिम्मेदारी भी उनपर है। जब वे ही मौत की कगार पर पहुंच गए तो लगा जैसे दुनिया ही खत्म हो जाएगी। ट्रांसप्लांट और किडनी की व्यवस्था को लेकर वे टूटे जा रहे थे, तब मेट्रो प्राइम के डॉक्टरों की टीम ने उनका हौंसला बढ़ाया और अब वे खुद के पैरों पर फिर खड़े हो सकेंगे।