मनासा। करोडों देशभक्ति की श्रद्धा के केंद्र प्रभु श्री राम की जन्मस्थली अयोध्या में 22 जनवरी को श्री राम मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर देश भर में उत्साह उमंग और उल्लास का वातावरण हैं। क्षेत्र में भी रामोत्सव के विभिन्न आयोजन चल रहे हैं, और राम जन्मभूमि आंदोलन में संघर्ष करने वाले कार सेवकों का सम्मान करते हुए श्रद्धानवत मन में श्री राम जन्मभूमि आंदोलन की स्मृतियां ताजा हो रही है। ऐसे में मालवांचल में श्री राम जन्मभूमि और जन जागरण के अग्रदूत नीमच मंदसौर मे विहिप का नेतृत्व करते हुए राम भक्तों में विश्व हिंदू परिषद के नेता मनासा के सपूत स्व. श्री रामेश्वर जी मारू 'दादा' जैसे कार सेवकों के योगदान, सम्मान और स्मृति को चिर स्थाई बनाए रखने की भी अपेक्षा जताई जाना प्रासंगिक है।
उल्लेखनीय है कि गत 1990 और 1992 में राम जन्मभूमि आंदोलन की घर-घर अलख जगाने के लिए तत्कालीन विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता जन सेवक स्व रामेश्वर लाल मारू 'दादा' ने समुचे मालवा में जो जन चेतना जागृत की थी वह अविस्मरणीय है। समूचे मालवा क्षेत्र से बड़ी संख्या में 'दादा' के नेतृत्व में कार सेवकों के जत्थे अयोध्या पहुंचे थे, और अयोध्या में भव्य श्री राम मंदिर के सपने को साकार करने के लिए राम भक्तों ने तन मन धन से समर्पण किया था। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में करोडों राम भक्तों के संघर्ष और तपस्या फलवती हो रही है, अयोध्या में भगवान श्री राम के भव्य मंदिर में रामलला की मूर्ति विराजित होने जा रही है। इस अवसर पर रामोत्सव के दौरान क्षेत्र के कार सेवकों और श्रद्धालुओं की भावना है कि मालवा में श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के अग्रज स्व रामेश्वर मारू 'दादा' की प्रतिमा मनासा के बस स्टैंड या प्रमुख चौराहे पर स्थापित करने की घोषणा करके क्षेत्र में श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन की स्मृति को चिर स्थाई बनाया जाए उक्त मांग हिंदू समाज के कई युवा व वरिष्ठ नागरिकों के साथ ही मनासा तहसील के कई कारसेवकों ने मनासा विधायक अनिरुद्ध माधव मारु, मनासा नगर परिषद अध्यक्ष,जनपद अध्यक्ष से की गयी।