चित्तौड़गढ़। जन-जन आराध्य प्रभु श्री रामलला के पौष शुक्ला द्वादशी को भव्य मंदिर में विराजमान होने और उनकी प्राण प्रतिष्ठा के पावन अवसर पर कल्याण नगरी के राजाधिराज ठाकुरजी श्री कल्लाजी के मनोहारी राम स्वरूप दर्शन एवं विविध आयोजन के माध्यम से कल्याण नगरी में सोमवार को अयोध्या स्वरूप निरूपित किया। इस पावन अवसर पर श्री कल्लाजी वेदपीठ एवं शोध संस्थान तथा कल्लाजी मंदिर न्यास की ओर से कल्याण चौक पर प्राण प्रतिष्ठा का सीधा प्रसारण विशाल एलईडी पर प्रदर्शित किया गया। हजारों लोगों ने देखकर अपने आराध्य को नमन करते हुए समूचे वातावरण को राममय बनाने में कोई कोर कसर नहीं रखी। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद रामभक्तों ने जय श्रीराम के गगनभेदी उद्घोष के साथ नृत्य, किर्तन एवं भजन कर वातावरण को राममय बना दिया। इस पावन अवसर पर सतरंगी आतिशबाजी से लोगों ने अपनी प्रसन्नता को प्रकट किया। दूसरी ओर ठाकुर जी के राम रूप के मनोहारी दर्शन के लिए दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। हर कोई अपने आराध्य को रामरूप में देखकर जय श्रीराम के नारे लगाते हुए नजर आए। बड़ी संख्या में कल्याण नगरी वासियों ने रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के पावन अवसर पर एक दूसरे को जय श्रीराम के अभिवादन के साथ बधाईयां देते हुए मुंह मीठा कराया।
प्रभात फेरियों के संगम से बना राममय माहौल-
कल्याण नगरी के विभिन्न मोहल्लों से सोमवार को भोर वेला में बड़ी संख्या में प्रभात फेरिया निकाली गई। जिसमें श्रद्धालु नर-नारी राम संकीर्तन और भजन करते हुए नृत्य के साथ रामलला को प्रसन्न करते नजर आए। इस दौरान जब समस्त प्रभातफेरियां का महासंगम हुआ तो समूचा वातावरण राममय हो गया। चहूं ओर जय श्रीराम के उद्घोष के साथ लोगों ने वातावरण को राममय बनाने में कोई कोर कसर नहीं रखी। कमोबेश ऐसे ही हालात कल्याण नगरी के विभिन्न मंदिरों एवं देवालयों में भी देखने को मिले, जहां अभिजीत मुहूर्त में श्रद्धालुओं ने मंदिर में विराजित ठाकुरजी की महाआरती कर महाप्रसाद वितरण करते हुए प्रभु श्रीराम के भक्ति से ओतप्रोत नारे लगाकर स्वयं को धन्य किया।
गौ सेवा कर मनाया रामोत्सव-
प्रभु श्रीरामलला के प्राण प्रतिष्ठा के पावन अवसर पर कल्याणलोक स्थित कल्याण गौशाला में वेदपीठ की ओर से सैकड़ों गौमाताओं को हरा चारा एवं लापसी का भोग लगाकर गौसेवा करने का पुण्य कार्य किया। इस दौरान यहां मौजूद गौसेवकों एवं गौपालकों ने भी जय गौमाता एवं जय श्री राम के नारे लगाए।