नीमच। शहर में सुभाष सेना द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 127वीं जन्म जयंती बड़े हर्ष उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर सुभाष वाटिका को रंग-बिरंगे फूलों और गुब्बारों से सजाया गया। प्रोफेसर डॉ संजय जोशी, डॉ सुरेंद्र सिंह शेखावत, डॉ प्रकाश चंद जोशी, कैलाश गोयल, ज्ञान प्रकाश बंसल कार्यक्रम में अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण और सरस्वती के चित्र पर दीप जलाकर की गई।
वक्ताओं ने डॉक्टर सुभाष चंद्र बोस के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नेताजी बहुत पराक्रमी, ज्ञानी और दूर दृष्टि वाले नेता थे। देश की आजादी में नेताजी का योगदान अविस्मरणीय है। तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा नेताजी के इस नारे ने आजादी के परवाने नौजवानों में देश के लिए मर मिटने का जोश भर दिया था। कार्यक्रम में मधुसूदन पोरवाल, रमेश मोरे, रामरखानी, बाबूलाल मेहता, लक्ष्मी नारायण तोतला, राजेंद्र लखेरा, दुलीचंद कनेरिया, गुणवंत गोयल, बाबूलाल गौड़, किशोर बागड़ी, डॉ राकेश वर्मा, सत्यनारायण सेठी, अजय भटनागर और बड़ी संख्या में संभ्रांत नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन हेमलता धाकड़ ने किया।