नीमच। सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय गिरदोडा में वार्षिकोत्सव 2023-24 के अंतर्गत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतियोगिता का शंखनाद 24 जनवरी बुधवार सुबह 11 बजे विभिन्न खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के साथ हुआ। सर्वप्रथम मां सरस्वती के चित्र, भारत माता के चित्र प्रणव अक्षर ओम पर दीपक प्रज्वलित कर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ योगिता रितिका गुंजन कोमल ने सरस्वती वंदना की नृत्य नाटीका के साथ प्रस्तुत किया। खुशी प्रतिज्ञा कृति दामिनी रक्षा ने राम आएंगे नाटिका प्रस्तुत की। शबरी मगन है राम की प्रतीक्षा में नाटिका रजनी दामिनी कृति रक्षा ने प्रस्तुत की। लतिका प्रीति वाला नेहा संध्या रक्षा आरुषि मानवी भूमिका ने राधा कृष्ण पैरोडी पर समूह नृत्य प्रस्तुत किया। मोहित दशरथ राजवर्धन शैतान कृष्णा राम मेहुल धीरज रोहित रितेश चंद्रकांत भानु प्रवीण हेमंत पंकज ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा की नाटिका प्रस्तुत की। इसी प्रकार बच्चों ने पापा मेरे पापा, पैरोडी, जिस देश में गंगा रहता है, जैसी करनी वैसी भरनी, फिर भी दिल है हिंदुस्तानी, स्कूल चले हम, ओ माय फ्रेंड गणेशा, रावण अंगद संवाद, माँ भवानी, राजस्थानी पैरोडी पर नृत्य, बम बम भोले, सोशल मीडिया, यह तो सच है कि भगवान है, जय केसरी के लाल, जादू नहीं विज्ञान है, आरंभ है प्रचंड है, श्री कृष्ण सुदामा मिलन, राम रावण युद्ध सहित विभिन्न विषयों पर नाटिकाएं प्रस्तुत की गई जिन्हें सभी ने सराहा। विद्यालय के बच्चों ने जब वृद्धा आश्रम पिता को छोड़ने का प्रसंग बताया तो सभी की आंखों से अंश्रु धारा बहने लगी और लोग भाव विह्वल हो गए। अंधेर नगरी चौपट राजा प्रस्तुत किया तो सभी खुब हंसे।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष सज्जन सिंह चौहान ने कहा कि भारतीय संस्कृति के संस्कारों के बिना शिक्षा का कोई मोल नहीं होता है। मंडी व्यापारी संघ अध्यक्ष राकेश भारद्वाज ने कहा कि जापान रूस चीन का विकास का प्रमुख कारण उनकी मातृभाषा में शिक्षा अध्ययन करना है। अब भारत में भी मेडिकल की शिक्षा हिंदी भाषा का उपयोग होने से इसमें भी सफलता मिलेगी। धार्मिक शिक्षा के संस्कारों से विदेशी लोग भी प्रभावित होते हैं। ग्राम भारती अध्यक्ष हेमलता धाकड़ ने कहा कि सभी मिलकर विद्यालय विकास में सहभागी बने और ज्ञान चरित्र संस्कार को आगे बढ़ाएं। नीमच नगर पालिका पार्षद किरण शर्मा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के अनुसार मंजिल मिलने तक उठो और चलना चाहिए तभी जीवन में सफलता मिलती है बच्चों ने सांस्कृतिक प्रतिभा दिखाई जो आदर्श प्रेरणादायक कदम है। ग्राम भारती जिला प्रमुख महेश विश्वकर्मा ने कहा कि 1952 में गोरखपुर में विद्या भारती का शुभारंभ हुआ था। आज पूरे देश में 35000 विद्यालय संस्कार के अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। जनपद सदस्य निरंजन बंटी जाटव, गिरदोडा सरपंच प्रतिनिधि नाथूलाल माली, जावद तहसील प्रमुख कन्हैयालाल विश्वकर्मा, सरस्वती शिशु मंदिर गिरदोडा संयोजक राजू नागदा कानाखेड़ा, कार्यालय प्रमुख ओमप्रकाश शर्मा, संकुल प्रमुख केशुराम रावत, नंदकिशोर सोनी, सुनील पुरोहित, जितेंद्रसिंह, शंकर सिंह विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन प्रहलाद सिंह राठौड़ ने किया तथा आभार प्रधानाचार्य कैलाश नागदा ने व्यक्त किया।
पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह कल-
इसके साथ ही द्वितीय दिवस सांस्कृतिक कार्यक्रम की पावन श्रृंखला में गुरुवार सुबह 10 बजे पुरस्कार वितरण कार्यक्रम एवं प्रतिभा सम्मान समारोह मातृ सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में जनपद अध्यक्ष शारदाबाई मदनलाल धनगर, ग्राम भारती अध्यक्ष नीमच हेमलता धाकड़, जिला पंचायत सदस्य मनीषा धाकड़, मुख्य अतिथि तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता गिरदोडा सरपंच लीलाबाई नाथूलाल माली करेंगे। कार्यक्रम में सरस्वती शिशु मंदिर गिरदोडा के विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक आचार्य दीदी सहित विद्यार्थियों के परिवारजन सहभागी बनेंगे।