मनासा। समीपस्थ एक छोटे से गांव पिपलोन में, करीब 8 वर्ष पूर्व गांव के छोटे छोटे बालको द्वारा एक मुहीम प्रारम्भ की गयी, जिसमे प्रति मंगलवार और शनिवार एक साथी के घर पर हनुमान चालीसा का पाठ सभी मिलकर करेंगे, और एक दूसरे के सहयोग से जो भी राशि उस पाठ में एकत्रित होगी उसे बालाजी मंदिर निर्माण में लगाएंगे। धीरे धीरे उन बालको द्वारा शुरू की गयी मुहीम रंग लाने लगी, और इसका असर गांव के बड़े, बुजुर्ग, और युवाओ पर हुवा। तो उन्होंने एक भोजन समिति बनाई और उस समिति के माध्यम से एकत्रित राशि को बालाजी मंदिर निर्माण में लगाया। जब धीरे धीरे सभी का प्रयास एक साथ हुवा तो फिर सभी ने सामूहिक निर्णय लेकर गांव से प्रत्येक घर से राशि एकत्रित की, और मंदिर निर्माण करवाया।
वर्षो पुरानी है बालाजी और माताजी की चमत्कारी मूर्तियां-
जब हमने गांव पिपलोन के बुजुर्गो कचरूलाल पटेल, भूरालाल धनगर, रोड़ीलाल मालि, से चर्चा की तो उन्होंने मूर्तियों के बारे में बताया कि ये मूर्तियां वर्षों पुरानी है जो खुले आसमान के निचे एक चबूतरे पर विराजित थी, कई वर्षों से इच्छा थी की बालाजी और माताजी का मंदिर बन जाए तो, धूम धाम से इनकी प्राण प्रतिष्ठा करेंगे और आज कई वर्षों बाद ये अवसर बालाजी महाराज की कृपा से आज की युवा पीढ़ी की वजह से हमें नसीब हुवा है और हम इस आयोजन के साक्षी हो पाए ये हमारा सौभाग्य है।
पंच कुंडीय यज्ञ में पूर्णा आहुति देते यजमान-
दिनांक 21 जनवरी 2024 से प्रारम्भ हुए पंच कुंडीय यज्ञ में, एक हवन कुंड पर पांच जोड़े बैठे थे। पूर्णाहुति पूर्व से निर्धारित समय पर पूर्ण की गयी, और मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा, अभिजीत मुहर्त में की गयी। पश्चात इसके महाआरती की गयी, एवं विधि विधान अनुसार यज्ञ में बैठे सभी जोड़ो को आशीर्वाद स्वरूप यज्ञाचार्य पंडित मांगीलाल व्यास (अचलपुरा वाले ) के द्वारा फल प्रदान किया गया।
करीब दोपहर 1 बजे शुरू हुवा प्रसादी का आयोजन जो देर रात्रि तक चलता रहा,
वहीं प्राण प्रतिष्ठा के संम्पन होने के बाद भक्तों की दर्शन के लिए लम्बी कतारे लग गयी, साथ ही इसके करिब 1 बजे बालाजी महाराज की महाप्रसादी भंडारे का आयोजन समिति द्वारा प्रारम्भ कर दिया गया। प्रसादी लेने भक्तों का मानो जन सैलाब उमड़ आया हो, जो निरंतर देर रात्रि तक चलता रहा।
प्रसादी लेने और बालाजी के दर्शन करने, पूर्व जिला पंचायत सदस्य शुशील नंदन बैरागी, प्रधुम्न मारु, विजय शर्मा, दिनेश राठौर, एवं अन्य कई सामाजिक, राजनैतिक, एवं व्यापारिक क्षेत्र के लोग हुवे शामिल।
आयोजन समिति के सदस्य श्यामलाल धनगर, भेरूलाल रावत, देवीलाल मालि, गणेश रावत, पप्पू रावत, कारूलाल मालि, घनश्याम रावत, राजू धनगर, रूपचंद रावत, दशरथ माली, हीरालाल रावत, फूलचंद रावत, पप्पु माली, फकीरचंद धनगर, भेरूलाल धनगर, राहुल रावत, हजारीलाल मालि, वजेराम रावत, विजेश माली आदि सभी ग्राम वासियों ने इस आयोजन में प्रत्यक्ष एवं अप्रयत्क्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगो का आभार व्यक्त किया।