नीमच। प्रत्येक राष्ट्र एवं राष्ट्र के नागरिकों का हित उस देश में लागू होने वाले विधि विधान के पालन में समाया हुआ है। संविधान का पालन देश में प्रेम, एकता, सद्भावना एवं अनुशासन बनाए रखने में बहुत मददगार रहता है। किन्तु मनुष्यात्मा यदि देश के संविधान के साथ-साथ ईश्वरीय एवं आध्यात्मिक विधि विधान का पालन भी करके अपने निजि आचरण में उतारे तो देव पद की प्राप्ति के साथ निकट भविष्य में आने वाली स्वर्णिम सतयुगी दुनिया की हकदार बनेगी। उक्त विचार ब्रह्माकुमारी संस्थान के एरिया डायरेक्टर बीके सुरेन्द्र भाई ने गणतंत्र दिवस समारोह को संबोधित करते हुए व्यक्त किये। आपने सारे विश्व में अन्तर्राष्ट्रीय शांतिदूत के रूप में सेवारत ब्रह्माकुमारी संस्थान के पवित्र व आथ्यात्मिक निति-नियमों का हवाला देकर बताया कि इस ईश्वरीय विधान के पालन से 140 से अधिक देशों के लाखों परिवार आज की तनावमय वैश्विक परिस्थितियों में भी तनावमुक्त खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे हैं, साथ ही अपने राष्ट्र की उन्नति में संपूर्ण मददगार है।
सबझोन संचालिका बीके सविता बहन ने कहा कि शीघ्र ही भारत विश्व का सिरमौर बनेगा तथा यह भी ऐतिहासिक तथ्य है कि 5000 वर्ष पूर्व सारा विश्व ही भारत कहलाता था। पुन: उसी अखण्ड भारत की स्थापना स्वयं सर्वशक्तिवान परमपिता परमात्मा द्वारा वर्तमान समय की जा रही है। हम सभी को संविधान के साथ-साथ ईश्वरीय मर्यादाओं का पालन करते हुए राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से पवित्रता एवं सुख-शांति की किरणें सारे विश्व में फैलानी होगी तभी यह कार्य सहज संभव हो सकेगा। इस अवसर पर अनेकों ब्रह्मावत्सों की उपस्थिति में राष्ट्रध्वज लहराया गया तथा राष्ट्रप्रेम व स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। बीके सविता बहन ने शपथ में आव्हान किया कि जाति, सम्प्रदाय, धर्म अथवा भाषा का भेदभाव किये बिना भावनात्मक एकता, राष्ट्रप्रेम एवं सद्भावना के लिए सभी सेवारत रहें.. अपना भारत हमें प्राणों से भी प्यारा है.. इसकी समृद्धि, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक मूल्यों पर हमें गर्व हैं.. हम सदैव मानव जाति के सभी वर्गों के बीच शांति, सद्भावना व प्रेम कायम करने के लिए निरन्तर प्रयासरत रहेंगे व अन्तर्मन की स्वच्छता के साथ नगर व राष्ट्र की स्वच्छता के प्रति भी सदैव सजग रहकर कार्य करेंगें। अंत में सभी को मिठाई वितरण की गई।