झालावाड़। जिले के बनेठ ग्राम पंचायत के गांव सागोनी के पास पवन नदी के तट पर स्थित प्राचीन देवनारायण मंदिर प्रांगण में चल रही सात दिवसीय संगीतमय श्री देवनारायण कथा के चौथे दिन भगवान देवनारायण का जन्म उत्सव मनाया गया।
गुरुजी कालू सिंह गुर्जर के सानिध्य में चल रही देवनारायण कथा में हिंदू धर्म में गाय का महत्व पूर्ण स्थान बताया गया तथा सच्चे मन से सेवा करने से पुण्य की प्राप्ति भी होती है। कालू सिंह गुर्जर ने भगवान देवनारायण के जन्म उत्सव के बारे में साडू माता को सपने में नारायण को दर्शन देना की कथाओं का विस्तार से बताते हुए कहा कि आंगन में कुमकुम पगलिया, अपने स्तन से दूध की धार लगना, पानी का मटका दूध से भर जाना, वह छत पर नागर बेल छा जाना यह चार बातें भगवान नारायण ने साडू माता गुजरी को बताई। जब सुबह देखा तो सारी बातें सच हुई माता साडू गुजरी सोलह श्रृंगार करके मालासेरी डूंगरी पर जाती है तो दिव्य प्रकाश के दर्शन होते हैं। आधी रात भगवान देवनारायण का अवतार हो जाता है।