नीमच। वैसे तो किसान हमेशा ही परेशानियों से जूझता रहता हैं। कभी अतिवृष्टि तो कभी अल्प वृष्टि, कभी पाला तो कभी सुखे की मार से किसान हमेशा दो-दो हाथ करता ही हैं। लेकिन कई वर्षों बाद मालवा की सफेद चांदी के नाम से विख्यात लहसुन इस बार किसानों के चेहरे पर खुशियां ला दी है। इस बार लहसुन के भाव में किसानो की बल्ले बल्ले कर दी है।
ग्राम कानाखेड़ा के किसान दशरथ नागदा ने बताया कि इस बार कई वर्षों बाद जिस प्रकार के भाव मिले हैं उससे किसानों की आर्थिक समस्या काफी सुधार हुआ हैं। उन्होंने बताया कि इस बार मैंने केवल एक बीघा में 50 हजार रूपए से अधिक के प्याज तथा लगातार दो दिनों से 24 हजार तथा 28 हजार रूपए प्रति क्विंटल के लहसुन के भाव मिले हैं। जिससे अनुमान है कि मेरे एक बीघा में डेढ़ लाख रूपए से अधिक की फसल हो जाएगी। जिससे मेरी परिवार में आर्थिक स्थिति के साथ-साथ विकास भी होगा। इस बार के भाव से परिवार में खुशी की लहर है। मैं ही नहीं क्षेत्र के सभी किसान भाई के चेहरे पर खुशी की लहर है। यदि इसी तरह सभी फसलों के भाव यदि मिलते हैं तो किसान आत्मनिर्भर बनेगा तथा पीएम मोदी का सपना साकार होगा।