शहडोल। 22 जनवरी को अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा रामलाला की भव्य प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की गई। इससे पूरे देश में राममय वातावरण हो गया है। कई भक्त ऐसे हैं जो कुछ भी कर गुजरने का माद्दा रखते हैं। ऐसे ही एक भक्त हैं छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ के केदारवाडी में रहने वाले मेहुल लखानी पिता हरीश लखानी जो कि सरस्वती शिशु मंदिर में आचार्य हैं और राम भक्ति का ऐसा जज्बा उन पर छाया है कि वे छत्तीसगढ़ से उल्टे पैर अयोध्या की ओर निकल पड़े। यात्रा के 12 दिन मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के ब्यौहारी-रीवा मार्ग पर ग्राम मउ के स्टेट हाईवे पर उल्टे पैर चलते हुए हमारे संवाददाता ने उनसे बात की तो उन्होंने कहा कि मैं इसलिए उल्टे पैर चल रहा हूं कि मनुष्य को अपने विचार सीधे रखना चाहिए। आपकों बता दें कि इसके पूर्व भी वे भारत, भूटान, नेपाल की 46000 किलोमीटर की यात्रा 27 महीने में पूरी कर चुके हैं।