चित्तौड़गढ़। अफीम उत्पादक संघर्ष समिति राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश के किसान प्रतिनिधियों ने आज दिल्ली के लिए कुच किया। ये सभी किसान प्रतिनिधि 5 फरवरी को दिल्ली के आंध्र प्रदेश भवन में राष्ट्रीय किसान महासम्मेलन में भाग लेंगे। राष्ट्र के कोने-कोने से आए हुए किसानों को अफीम किसानों की समस्याओं से अवगत कराएंगे। ताकि आने वाले लोकसभा चुनाव में सभी पार्टियों में घोषणा फॉर्म में सभी किसानों के मुद्दों को भी रखा जाए। इसके बाद केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी से मुलाकात करेंगे, और उनसे बात करेंगे कि लोकसभा चुनाव को लेकर लगने वाली आचार संहिता से पहले खेत में खड़ी अफीम फसल को सिपीएस पद्धति से चिरा पद्धति में कन्वर्ट कर सभी किसानों को चीरा लगाने का अतीशीघ्र आदेश किया जाए और डिजिटल इंडिया के तहत 1995 /96 से ऑनलाइन सभी लाइसेंस अफीम किसानों को बिना किसी शर्त के जारी किये जाए। विदेशी पोस्ता दाना आयात बंद किया जाए। जीवन रक्षक दवाइयां के लिए विदेशी कोडिंग मार्फीन आयात बंद किया जाए। जिससे भारत आत्म निर्भर बने व किसानों को रोजगार मिले मरीजों को सस्ती दवाईयां मिले।
समिति के मुख्य राष्ट्रीय संरक्षक रामकुमार योगी कोटा, समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरसिंह डांगी टिडवास, राष्ट्रीय सचिव नारायण सिंह राणावत सेमरडा प्रतापगढ़, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी बन्शीलाल धाकड़ राजपुरा, प्रदेश अध्यक्ष मांगीलाल मालवीय खानुखेड़ा, प्रतापगढ़ जिला उपाध्यक्ष भेरूलाल पाटीदार गरदोडी आदि के आपसी विचार विमर्श के बाद अफीम किसानों के प्रतिनिधियों ने दिल्ली के लिये कुच किया।