चित्तौडग़ढ़। गांधीनगर स्थित नानू नवकार भवन में आयोजित धर्म सभा में प्रवचन करते हुए शांतक्रांति संघ की विदुषी महासती शीलप्रभा ने कहा कि आज़ के परिवेश में गिरते हुए मानव मूल्य सबके लिए चिंता का विषय है। आधुनिकता के नाम पर आज़ संस्कारों की जो होली जल रही है वो हम सबको पतन के रास्ते पर ले जा रही है । आज़ संस्कारों का जो पतन हम देख रहे हैं, ये सब कहां जा कर रुकेंगे, कहना मुश्किल है। हम सबको समय रहते इसमें सुधार करने की आवश्यकता है और इस सुधार के लिए वृहत स्तर पर संस्कार शिविर लगा कर बालक बालिकाओं में संस्कारों का बीजारोपण करने की महती आवश्यकता है। इसी क्रम में नानू नवकार भवन में 22 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक बालिकाओं हेतु संस्कार शिविर का आयोज़न किया गया । यहां पर योग्य गुरुजनो एवं विदुषी महासतियाँ जी मसा द्वारा संस्कारों की छोटी छोटी शिक्षाओं के माध्यम से एवं आध्यात्मिक कहानियों के द्वारा जीवन निर्माण के सूत्र बताये जा कर उन्हें नैतिकता का पाठ पढ़ाया गया एवं धार्मिक वातावरण अपनाते हुए समभाव के साथ रहना सिखाया गया । आज़ शिविर का समापन हेमंत लीला कोठारी परिवार के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। शिविरार्थी बालिकाओं द्वारा संस्कारों को प्रदर्शित करने वाली लघु नाटिका अब पछताये होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत, कली गुलदस्ते में खिलती है एवं जम्बू स्वामी का वैराग्यमय जीवन का सफल मंचन किया गया जिसकी सभी ने खूब खूब अनुमोदना की। धर्म सभा में किंजल, नव्या, पलक एवं अन्य बालिकाओं ने अपने शिविर के अनुभव शेयर किये । राष्ट्रीय महिला संघ अध्यक्ष श्रीमती लीला कोठारी एवं हेमंत कोठारी ने विचार व्यक्त किये । साध्वी रत्ना राज श्री म सा ने विभिन्न प्रत्याख्यान कराने के बाद मंगल पाठ सुनाया। संचालन संघ मंत्री इन्द्रेश कोठारी ने किया।