BREAKING NEWS
NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     KHABAR : खनियांधाना में मुख्यमंत्री जन-विश्वास.. <<     NEWS : राजस्थान की बड़ीसादड़ी पुलिस और अवैध मादक.. <<     KHABAR : तहसीलदार के नेतृत्व में सीएम जन विश्वास.. <<     BIG NEWS : खाकी ने किया दिनदहाड़े हुई चोरी का खुलासा,.. <<     KHABAR : कलेक्टर ने ढाकनी स्कूल में परखी पढ़ाई की.. <<     KHABAR : आस्था की राह हुई आसान, नीमच से खाटू श्याम.. <<     KHABAR : वर्षों से खाली पड़े बेशकीमती भूखंड पर नगर.. <<     NEWS : लोन फोरक्लोजर रिपोर्ट को लेकर विवाद,.. <<     NEWS : उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को उपचार.. <<     BIG REPORT : नीमच में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, जब.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     KHABAR : राजनगर में मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान.. <<     KHABAR : कलेक्टर ने आंगनवाड़ी में परखी शाला पूर्व.. <<     NEWS : खुले बिजली तार और असुरक्षित ट्रांसफार्मर.. <<     KHABAR : सोनकच्छ बाल वाटिका में पहुंचे.. <<     NEWS : सचिव योगिता पारीक ने किया जिला कारागृह व.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
October 30, 2024, 1:54 pm
KHABAR : एमपी के इस शहर में है यमराज का इकलौता मंदिर, जहां पूजा करने से खुलते है स्वर्ग के द्वार, नरक चतुर्दशी पर होता है विशेष अभिषेक, पढे़ खबर 

Share On:-

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में यमराज का मंदिर, सुनने में थोड़ा अजीब जरूर लगता होगा, पर यह बात बिलकुल सही है। ग्वालियर में देश का एक मात्र यमराज का मंदिर है, जो लगभग 350 साल पुराना है। दीपावली के एक दिन पहले यानी नरक चौदस पर यमराज की पूजा के साथ उनकी मूर्ति का अभिषेक किया जाता है। साथ ही यमराज से मन्नत मांगी जाती है, कि वह उन्हें अंतिम दौर में कष्ट न दें। 


नरक चौदस पर यमराज की विशेष पूजा
ग्वालियर शहर के बीचों-बीच फूलबाग पर मार्कडेश्वर मंदिर में यमराज की यह प्रतिमा है। यमराज के इस मंदिर की स्थापना सिंधिया वंश के राजाओं ने लगभग 350 साल पहले करवाई थी। यमराज की नरक चौदस पर पूजा अर्चना करने को लेकर पौराणिक कथा है। यमराज ने जब भगवान शिव की तपस्या की थी, तब प्रसन्न होकर भगवान शिव ने यमराज को वरदान दिया था कि आज से तुम हमारे गण माने जओंगे। दीपावली से एक दिन पहले नरक चौदस पर जो भी तुम्हारी पूजा अर्चना और अभिषेक करेगा, उसे जब सांसारिक कर्म से मुक्ति मिलने के बाद उसकी आत्मा को कम से कम यातनाएँ सहनी होंगी। साथ ही उसे स्वर्ग की प्राप्ति होगी। तभी से नरक चौदस पर यमराज की विशेष पूजा अर्चना की जाती है।


यमराज की पूजा करने से कष्टों का निवारण
यमराज की पूजा अर्चना भी ख़ास तरीके से की जाती है। पूजा के साथ ही यहां दीप दान किया जाता है। मान्यता है कि आज के दिन यमराज की पूजा करने से कष्टों का निवारण होता है। साथ ही उम्र के अंतिम दौर में होने वाले कष्टों परेशानियों से निजात मिलती है। यही वजह है कि दूर दूर से लोग ग्वालियर पहुचते है और यमराज की पूजा अर्चना करते हे। यमराज का ये मंदिर देश में अकेला होने के कारण लोगों की श्रद्धा का केंद्र है। यहां नरक चौदस पर दूर दूर से श्रद्धालु आते है।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE