नीमच। शैख़ सैय्यद पठान जिला कमेटी एक सामाजिक संस्था है और सामाजिक कार्यों को लेकर निरन्तर कार्य कर रही हैं। समाज के बुनियादी मुद्दो को लेकर आगे बढ़ रही है। समाज में कोई भी गरीब या लावारिस म्रत्यु होती हैं और उसका कफ़न दफन करने वाला कोई नहीं है तो कमेटी उसके कफ़न दफ़न का इंतजाम करती हैं। समाज में कही भी मृत्यु होती हैं तो कमेटी उनके घर बैठने जाती हैं और एक पैगाम देती हैं कि मृत्यु भोज नहीं करना चाहिए। ये फिजूल खर्ची हैं।
उक्त बातें शैख़ सैय्यद पठान जिला कमेटी के सदर सलीम खान ने शौक ( गमी ) की बैठक में कही। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी आरिफ शैख़ ने देते हुए बताया कि बघाना निवासी मोहसिन खान मज़हर खान नदीम खान (सर) की वालदा (मम्मी) कनीज बानो व बिलाल पठान रोहित पठान के दादा जी हाजी इशहाक पठान निवासी कनावटी का इंतकाल हो गया था जिला कमेटी के जिम्मेदार उनके घर पर बैठने के लिए गए। उनके गम में शरीक हुए मरहूम की रूहों को बराए इसाले सवाब किया और एक पैगाम दिया कि मृत्यु भोज नहीं करना चाहिए और कर्जा लेकर कोई भी काम नहीं करना चाहिए फिर चाहे वो किसी की भी फ़ातिहा का हो। शादी या वलीमे का हो।
गमजदा परिवार का कहना है कि आज तक हमें कोई समझाने नहीं आया। आप लोग आये हो अब हम सवा महीने का खाना (मृत्यु भोज ) नहीं करेंगे। गमजदा परिवार के फैसले पर कमेटी ने आभार व्यक्त किया है। शोक बैठक में जॉइन सेक्रेटरी मो.युनुस पठान उर्फ छुट्टन खजांची ज़ाहिद कादरी इकबाल पठान अजहर खान आदि मेम्बरान मौजूद थे।