चित्तौड़गढ़। संत गुरू रविदास का जीवन और उनकी शिक्षाएँ समाज में समानता, प्रेम, भक्ति और सादगी का महत्व सिखाती है। वे एक कवि, समाज सुधारक एवं आध्यात्मिक व्यक्ति थे। उन्होंने जात-पात का भेदभाव खत्म करने एवं लोगों को एकजूटता का संदेश दिया।
कार्यक्रम में दुर्ग स्थित मीरा मंदिर में रविदास पगल्या का पूजन नारायणदास पावली, भेरू महाराज नारेला, नारायण महाराज, लालू महाराज, हरिराम महाराज, भगवानलाल बल्दरखां, जीतमल महाराज, काशीराम महाराज, बाबूलाल बोजुन्दा, रामलाल आदि संतों के सानिध्य में सम्पन्न हुआ।
इसके पश्चात् प्रातः 11 बजे पेनोरमा में सभा आयोजित हुई जिसका प्रारम्भ मुख्य अतिथि विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या ने पेनोरमा का अवलोकन कर संत रविदास की मूर्ति पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित किये। इस दौरान भंवरसिंह खरड़ी बावड़ी उपस्थित रहे।
सायंकालीन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री सुरेन्द्र सिंह जाड़ावत ने मोहर मंगरी स्थित पेनोरमा में संत गुरू रविदास की 648वीं जयन्ती पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये। इस दौरान पूर्व मंत्री जाड़ावत ने पेनोरमा का अवलोकन किया एवं हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। सामाजिक क्षेत्र में शिक्षा के प्रति आगे बढ़ने का संदेश दिया। युवाओं को राजनैतिक क्षेत्र में आगे आने पर बल दिया।
कार्यक्रम में जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने पेनोरमा का अवलोकन किया और पानी, बिजली सहित विभिन्न कमियों की पूर्ति के निर्देश दिये। सभा को सम्बोधित करते हुए संत रविदास की जीवनी पर प्रकाश डाला, एकता का परिचय दिया। समाज को आगे बढ़ने, युवाओं व महिलाओं की शिक्षा में अधिकाधिक भागीदारी पर बल दिया।
कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि जिला परिवहन अधिकारी ओमप्रकाश बैरवा ने समाज में फैल रही कुरूतियों और शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं, महिलाओं की व्यापक भागीदारी की कमी पर चिन्ता जताते हुए जागरूकता पर बल दिया। आरजेएस चयनित प्रियंका बैरवा ने भी मंच को सम्बोधित किया।
पूर्व नपा चेयरमेन रमेशनाथ योगी ने पूर्व सरकार में हुए विकास कार्यों की जानकारी दी। कांग्रेस नगर अध्यक्ष अनिल सोनी, पार्षद राजेश सोनी, ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष विक्रम जाट ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम के बीच में चेतन जटिया चौथपुरा के नेतृत्व में संतों, अतिथियों सहित प्रबुद्ध जनों का सम्मान समारोह भी आयोजित हुआ।
सम्पूर्ण कार्यक्रम का आयोजन संत रविदास सत्संग समिति के अध्यक्ष गोवर्धनलाल बैरवा, संरक्षक नारायणदास बैरवा, सचिव पुष्कर बैरवा के नेतृत्व में हुआ। इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय बैरवा समाज जिलाध्यक्ष रामेश्वर बैरवा, कोषाध्यक्ष चम्पालाल बैरवा लांगच ने भी सम्बोधित करते हुए समाज में एकता, फैल रही बुराईयों को समाप्त करने, शिक्षा व राजनैतिक क्षेत्र में आगे बढ़ने, एकता बनाये रखने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में महाराणा प्रताप कालेज प्रोफेसर निर्मल देसाई, बैरवा समाज वरिष्ठ उपाध्यक्ष बाबूलाल धनेत, एडवोकेट मांगीलाल, दिनेश, चमनलाल मीणा, सहायक अभियंता चम्पालाल बैरवा, सालवी समाज के रतनलाल सालवी, समाज सेवी अध्यापक भगवानलाल, भेरू हिंगवानिया, शंकरदास महाराज, बिलवाल समाज से कौशल किशोर बिलवाल, आर्मी सेनि शम्भूलाल, भेरूलाल नगरी, सत्यनारायण, पुष्कर, वर्षा बैरवा, बाबूलाल ऐराल, बालुराम बड़ोदिया, जगदीश, कन्हैयालाल, रतनलाल, नाथूलाल अरनिया माली, बगदीराम जलिया, मदनलाल भंवरकिया, कन्हैयालाल सरोपा, भेरूलाल बनाकिया, राधेश्याम पांचली, कवि राधेश्याम जटिया, अध्यापक किशनलाल बैजनाथिया, प्यारेलाल धनेत, नारायणलाल साड़ास, चम्पालाल बैरवा आदि उपस्थित रहे।