BREAKING NEWS
BIG REPORT : समय-सीमा समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने.. <<     BIG NEWS : साइबर ठगी के करोड़ों के खेल का भंडाफोड़,.. <<     NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     REPORT : श्री सीताराम जाजू कन्या महाविद्यालय में.. <<     REPORT : भगवानपुरा चौराहा और मनासा नाके पर नगर.. <<     KHABAR : नशा मुक्त युवा-विकसित भारत अभियान के तहत.. <<     BIG NEWS : नशे के सौदागरों पर नीमच पुलिस का शिकंजा,.. <<     KHABAR : बीमा कंपनी के खिलाफ किसानों का विस्फोट,.. <<     BIG NEWS : नीमच में कल रहेगा ब्लैकआउट, शहर के.. <<     KHABAR : एसपी पुनीत गेहलोत से मिले झुग्गी-बस्ती के.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     NEWS : वंडर सीमेंट लिमिटेड के ‘वंडर वृक्ष रथ’ का.. <<     NEWS : बिरला शिक्षा केंद्र में विधिक साक्षरता.. <<     BIG NEWS : नीमच में रॉन्ग साइड की रफ्तार पड़ी भारी,.. <<     KHABAR : जनसुनवाई में उमड़ा फरियादियों का सैलाब,.. <<     शिवपुरी में तीन महीने से राशन के लिए तरस रहे.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
February 19, 2025, 1:55 pm
BIG NEWS : सिंगोली क्षेत्र में अफीम की फसल की चिराई-लुआई का काम शुरू, किसानों ने काले सोने की रक्षा के लिए की मां काली की पूजा, पढ़े मेहबूब मेव की खबर 

Share On:-

सिंगोली। मध्यप्रदेश के उत्तर पश्चिमी छोर पर सिंगोली क्षेत्र में काले सोने के रूप में पहचाने जाने वाली फसल, अफीम की चिराई के साथ ही लुआई का काम भी शुरू हो गया है। क्षेत्र के किसान इस काले सोने की रक्षा के लिए की मां काली की पूजा अर्चना कर रहे हैं।
बताया जाता है कि अफीम उत्पादक किसानों में फसल की सुरक्षा और अच्छी पैदावार के लिए मां कालिका की पूजा करने की परंपरा है। सदियों से चली आ रही परंपरा का निर्वाहन करते हुए किसान खेत में मां काली की प्रतिमा स्थापित करता है तथा प्रतिमा के सामने देशी घी का दीपक जलाकर श्रीफल भेंट करता है। पूजा अर्चना के बाद अफीम के पांच पौधों पर रोली बांधकर डोडों को चीरा लगाता है। 
एक बार चीरा लगाने का काम शुरू हो जाने के बाद किसान का पूरा परिवार इस काम में लग जाता है। प्रतिदिन दोपहर में अफीम के डोडो को चीरा लगाया जाता है और दूसरे दिन अल सुबह अफीम लुआई का काम किया जाता है।
ये काम तब तक चलता रहता है जब तक अफीम के डोडे से तरल पदार्थ निकलता रहता है, या फिर 5 से 7 बार चीरा लगाकर अफीम लुआई नहीं हो जाती है। अफीम लुआई के दौरान पूरा परिवार खेत में ही अस्थाई घर बनाकर रातभर पौधों की रक्षा करता है। क्योंकि क्षेत्र में अफीम फसल चोरी की बहुत ज्यादा संभावना होती है। अफीम लुआई के बाद जब डोडे सूख जाते है तो डोडो से पोस्तदाना निकाला जाता है। बता दें कि अफीम की काश्तकारी करना सहज काम नहीं है, अफीम बुआई से लेकर बाजार में आने तक हर काम मेहनत और जोखिम भरा होता है।

फसल में आ रहा हैं रोग-
बरड़ावदा निवासी अफीम काश्तकार दिनेश धाकड़ ने बताया कि मौसम के बदलने से अफीम फसल में इस बार पत्ते पीले पड़ने का रोग या रहा हैं। जिसके कारण फसल का दूध पतला निकलकर पौधों पर गिरकर नीचे जमीन पर बिखर रहा हैं। ऐसे में किसानों को काफी नुकसान उठाना पडेगा।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE