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February 20, 2025, 5:44 pm
KHABAR : सन् 1952 में छावनी, बघाना और नीमच सिटी को मिलाकर संयुक्त रूप से हुआ था नगर पालिका का गठन, जमीन तो बचा नहीं सके पर बढा तो सकते हैं- किशोर जेवरिया, पढ़े खबर 

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नीमच। आजादी से पूर्व नीमच तीन प्रमुख भागों में विभक्त था। नीमच सिटी, बघाना, जो ग्वालियर रियासत के अंग थे तथा छावनी क्षेत्र अंग्रेज शासन के अधीन था। सन 1952 में छावनी, बघाना और नीमच सिटी को मिलाकर संयुक्त रूप से नगरपालिका नीमच का गठन हुआ। इस नगरपालिका का क्षेत्रफल 1342 हैक्टर था जो 36 वार्डों में विभक्त था। सन 2004 में इसे 40 वार्डों में विभक्त किया जो वर्तमान में भी यथावत है, इसमें सीआरपीएफ का क्षेत्र भी सम्मिलित है। सन 2002 में नीमच नगरपालिका नीमच क्षेत्र में वृद्धि करने पर इसका क्षेत्रफल 2964 हैक्टर हो गया था।
स्व.सीताराम जाजू के प्रयासों से मापदण्डों के अनुरूप नीमच की जनसंख्या नहीं होते हुए भी नीमच को अपवाद के रूप में छोडकर प्रदेश के अन्य शहरों के साथ नीमच में नीमच सुधार न्यास जिसे नगर सुधार न्यास भी कहा जाता था का गठन हुआ। नीमच सुधार न्यास द्वारा ही नीमच में जवाहर नगर, शास्त्री नगर, गांधी नगर, विकास नगर 14/1, 14/2, 14/3, 14/4 स्कीम नं.36-ए, 36-बी आदि कॉलोनियां काटी गईं। काटजू मार्केट व जाजू मार्केट भी नीमच सुधार न्यास द्वारा बनाए गए।
1 अगस्त 1994 को नीमच सुधार न्यास का नीमच नगरपालिका में विलय कर दिया गया। इसके बाद अलबत्ता कुछ जगह पर दूकानों का निर्माण किया गया। 14 जुलाई 2000 से नीमच विकास योजना प्रभावशील हुई। इसी के अन्तर्गत नीमच विकास योजना 2011 का पहला मास्टर प्लान लाया गया था। इसमें जो प्रावधान थे लगभग कुछ फेरबदल के साथ दूसरा मास्टर प्लान 2021 लाया गया था। अभी तीसरा मास्टर प्लान नीमच विकास योजना 2031 लागू किया गया है। परन्तु यदि देखा जाए तो ये तीनों मास्टर प्लान छोटे-मोटे कुछ कामों को छोडकर कागजों में ही रहे हैं। कोई बडी उपलब्धि इन मास्टर प्लान से मिली हो नजर नहीं आती। पहले मास्टर प्लान में नीमच नगरपालिका क्षेत्र के अतिरिक्त डूंगलावदा, चंगेरा, खडावदा, लेवडा, धनेरिया कलां, अरन्या कुमार, जागोली, जयसिंहपुरा, हिंगोरिया, कनावटी, भोलियावास, रावतखेडा एवं जेतपुरा को सम्मिलित करना प्रस्तावित किया गया था। नीमच नगरपालिका क्षेत्र की 2964 एकड जमीन एवं विकास योजना में सम्मिलित ग्रामीण क्षेत्र की 4388.34 एकड जमीन कुल मिलाकर 7347.34 एकड जमीन को नीमच निवेश क्षेत्र में सम्मिलित किया गया था। नीमच नगरपालिका क्षेत्र की जमीन का प्रबंधन नीमच नगरपालिका व ग्रामीण क्षेत्र की जमीन का प्रबंधन वहां की ग्राम पंचायतों के हाथ में है। नीमच नगरपालिका द्वारा कोई नई कॉलोनी नहीं काटी गई। अलबत्ता शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में निजी जमीन पर बेजा अवैध कई कॉलोनियां काटी गईं जहां लोगों ने अपनी हैसियत के मुताबिक अपना बना-बनाया आशियाना लिया अथवा बना लिया।
इस बीच नीमच नगरपालिका के हाथों से केन्द्र व राज्य शासन की योजनाओं व कार्यालयों के लिये जमीन निकलती गई। जैसे कलेक्टर कार्यालय, जिला पंचायत, जनपद पंचायत, उपभोक्ता अदालत, पुलिस कॉलोनी, जिला न्यायालय, कृशि उपज मण्डी, मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय इत्यादि। जिसके बदले में नीमच नगरपालिका को अन्य कोई भूमि या उसका मुआवजा मिला हो हमने तो आज तक नहीं सुना।
नीमच तहसील व कलेक्टर कार्यालय जो नये कलेक्टर कार्यालय में चले गए उससे खाली हुए भवनों को नगरपालिका ने अपने आधिपत्य में लेने में कोई तत्परता नहीं दिखाई तो उस पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय का कब्जा हो गया। वर्तमान में जिला न्यायालय का नवनिर्मित भवन बनकर तैयार है, शीघ्र ही वह नवनिर्मित भवन में स्थानांतरित हो जाएगा। नगरपालिका द्वारा उसके स्थानांतरण से पहले ही न्यायालय की भूमि जो नगरपालिका की है अपने आधिपत्य में लेने की पहल का प्रयास स्वागत योग्य है।
नीमच नगरपालिका का क्षेत्रफल बढाने के लिये नगर विकास योजना 2011 में जिन ग्रामीण क्षेत्रों का जिक्र है उन्हें नीमच नगरपालिका क्षेत्र में सम्मिलित करने की चर्चाएं काफी समय होती रही हैं। उन्हें नीमच नगरपालिका क्षेत्र में शामिल करना न्यायोचित व समय की मांग के अनुरूप ही है। नीमच विकास प्रारूप 2031 में भी यह प्रस्ताव सम्मिलित है। इन ग्रामों को नगरपालिका क्षेत्र में सम्मिलित करने से ये ग्राम शहरी क्षेत्र में सम्मिलित हो जाएंगे इनके लिये विकास योजनाएं शहरी क्षेत्र के मान से बनेगी। इनको नीमच नगरपालिका क्षेत्र में सम्मिलित करने से नीमच नगरपालिका का क्षेत्रफल व जनसंख्या भी बढ जाएगी, जिससे नीमच नगरपालिका को नगर निगम बनाने और नीमच में विकास प्राधिकरण लाने का भी मार्ग खुलेगा।
इन ग्रामों को नीमच नगरपालिका में सम्मिलित करने में इन ग्राम पंचायतों के सरपंचों को कोई रूचि इसलिये नहीं है कि ऐसा करने से उनके अधिकार जो उन्हें सरपंच के रूप में प्राप्त हैं छीन जाएंगे। अपना पद और पावर बचाने के लिये ये इन ग्रामों को नीमच नगरपालिका में सम्मिलित करने में कोई रूचि नहीं रखते।
इस बारे में नीमच के विधायक, सांसद व नगरपालिका अध्यक्ष प्रयास करें तो नीमच नगरपालिका में यह क्षेत्र सम्मिलित हो सकते हैं क्योंकि केन्द्र, राज्य, नगरपालिका व ग्राम पंचायतों में भाजपा की सरकार है। आपके इस प्रयास से नीमच नगरपालिका का स्वरूप, भूमि बजट आवंटन वगैरह वगैरह कई सुविधाएं मिल सकती हैं।

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