चित्तौड़गढ़। विश्व विख्यात भक्तमति मीरा बाई की 525 वीं जन्म जयंती के अवसर पर मीरा सांवरिया संस्थान द्वारा भक्त शिरोमणि मीरा बाई की जन्म स्थली मेडता पुष्कर कर्म स्थली सांवलिया जी चित्तौड़गढ़ भक्ति स्थली वृन्दावन तथा मिलन स्थली द्वारिका की यात्रा मीरा सांवरिया संस्थान के तत्वावधान में करवाने हेतु संस्थान पदाधिकारियों द्वारा निर्णय लिया गया।
यह यात्रा उन सभी श्रद्धालु जो मीरां सांवरिया की भक्ति में आस्था रखते हैं तथा संस्थान के उद्देश्य में आस्था रखते हैं तथा समर्पित है या भविष्य में जुड़कर धर्म आध्यात्म के साथ साथ विश्व विख्यात भक्तमति मीरा बाई द्वारा बतायें गये भक्ति मार्ग पर चलकर अपना जीवन सार्थक करने की सोच रखतें हैं उन सभी को करायी जाएगी। यह यात्रा दो चरणों में आयोजित होगी। प्रथम चरण में निम्बाहेडा से सांवलिया गोकुल मथुरा वृन्दावन की यात्रा होगी। द्वितीय चरण में डाकोड जी द्वारिका भेंट द्वारिका सहित गुजरात के दर्शनीय स्थल की यात्रा करवाईं जाएगी। यह यात्रा मीरा सांवरिया संस्थान द्वारा ट्रेन एवं बस द्वारा कराई जाएगी। शीघ्र ही इस यात्रा में शामिल होने वाले यात्रियों का पंजीयन संस्थान द्वारा शुरु किया जाएगा। जहां पर भी रात्रि विश्राम रहेगा। वहां पर संस्थान के कलाकारों द्वारा विश्व विख्यात भक्तमति मीरा बाई के जीवन चरित्र पर आधारित मीरा प्रेम दिवानी नृत्य नाटिका तथा मीरा भजन संध्या एवं कथा के माध्यम से सभी भक्तों को आध्यात्म एवं भक्ति मार्ग से जोड़ने का प्रयास किया जा एगा। संस्थान अध्यक्ष सीए गुणवन्त लाल शर्मा ने बताया कि इस यात्रा के आयोजन एवं सम्बन्धित रात्रि विश्राम भोजन आवास संबंधित सभी व्यवस्थाओं हेतु संयोजक सहित पंजीयन एवं सम्पर्क तथा सम्पूर्ण जानकारी शीघ्र ही पम्पलेट एवं पोस्टर के माध्यम से दी जाएगी।