नीमच। गऊ सेवा दल नीमच द्वारा बीमार और घायल गौ वंश के साथ-साथ सूचना के आधार पर अन्य बेजुबान जानवरों की भी सेवा को अंजाम दिया जाता है। खास तौर पर बताना होगा कि गौ सेवा दल को बीमार और घायल पशु पक्षियों के बारे में जिले से ही नहीं वरन् दूर दराज इलाकों से भी सूचना मिलती है, और गऊ सेवा दल के सदस्य तत्परता से अपना फर्ज अंजाम देने के लिए मौके पर पहुंच जाते हैं। इसका ताजा उदाहरण मेघालय से आर्मी के जवान पप्पू गुर्जर द्वारा दी गई सूचना है।
पप्पू गुर्जर द्वारा सूचना दी गई की नीमच जिले के गांव लसूडिया आंत्री में नदी किनारे जंगल में एक ऊंट जख्मी हालत में पड़ा हुआ है और कुत्ते उसे परेशान कर रहे हैं। सूचना के आधार पर तुरंत गौ सेवक मौके पर एंबुलेंस लेकर पहुंचे। जेसीबी की मदद से उंट को एंबुलेंस में चढ़ाकर नीमच में संचालित उपचार शाला लाए और पशु चिकित्सकों के माध्यम से उपचार कराया। इसी प्रकार पिछले दिनों नीलगाय को उपचार के लिए फॉरेस्ट विभाग को सूचित कर लाए। लेकिन गौ सेवा दल की एक पीड़ा भी है।
इन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि आज सुबह 9 बजे बिसलवास कलां से सूचना मिली कि एक गाय रात से सड़क दुर्घटना में घायल होकर रोड किनारे पड़ी है। गाय को कुत्तों ने भी बुरी तरह घायल कर दिया था। यहां से अनुदान प्राप्त गौशाला कुछ ही दूरी पर है। लेकिन इस गौशाला के कर्मचारी ने गांव के सरपंच के फोन के बावजूद गाय के इलाज के जिम्मेदारी हम पर डाल दी। गौ सेवा दल के मितेश अहीर का कहना है कि ऐसी अनुदान प्राप्त गौशालाओं का क्या औचित्य, जो अपने नजदीक में घायल और बीमार पड़ी गायों को आसरा नहीं दे सकते।