नीमच। जिले में भारी बारिश और लगातार नमी के कारण सोयाबीन की फसलें बर्बाद हो गई हैं। आज नीमच के कलेक्टर कार्यालय पर विभिन्न गाँवों के सैकड़ों किसान अपनी खराब हुई फसलें लेकर पहुंचे और सरकार से मुआवजे की मांग की।
किसानों का कहना है कि अत्यधिक बारिश की वजह से उनकी फसलें पीला मोजैक और अफलन जैसी बीमारियों का शिकार हो गई हैं।पिपलिया नाथावत, रेवली देवली, नपानिया वीरान, बोरखेड़ी पानेरी, मोड़ी गिरदौड़ा, पिपलिया व्यास और दसानी जैसे कई गाँवों से बड़ी संख्या में किसान इकट्ठे हुए। उनके हाथों में सोयाबीन की खराब और सूखी फलियाँ थीं, जो उनकी पीड़ा को बयां कर रही थीं।
किसानों ने बताया कि खेतों में फसलें पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है। बताते चले कि पीला मोजैक एक वायरल बीमारी है जो पौधों को पीला कर देती है और उनकी वृद्धि रोक देती है। वहीं, अफलन की स्थिति में पौधे पर फलियाँ नहीं लगते, जिससे पूरा उत्पादन शून्य हो जाता है। किसानों का कहना है कि यही दो बड़ी समस्याएँ उनकी फसल बर्बादी की मुख्य वजह हैं।किसानों ने जिला प्रशासन से तुरंत फसलों का सर्वे कराने की मांग की है। वे चाहते हैं कि सरकार जल्द से जल्द इस नुकसान का आकलन करे और उन्हें उचित मुआवज़ा राशि और आर्थिक सहायता दे। किसानों ने यह भी कहा कि इस नुकसान से उबरने के लिए उन्हें तत्काल सरकारी मदद की ज़रूरत है।