मनासा। ग्राम बरथून स्थित श्री देवनारायण मंदिर पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन बुधवार, 27 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बड़े ही हर्षाेल्लास और भक्ति भाव से मनाया गया।
भागवत कथा का वाचन भागवताचार्य पं. संतोष पाठक (मोया खेड़ा, महिदपुर, जिला उज्जैन) द्वारा किया जा रहा है। जन्मोत्सव पर रिमझिम बारिश के बीच बरथून व आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में भक्तजन पहुंचे और भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य उत्सव का आनंद लिया।
कथा के दौरान पं. पाठक ने कहा कि भागवत कथा हमारी हिंदू संस्कृति को जीवित रखने का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर बरथून का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यह विद्यालय बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि उनके अपने पुत्र-पुत्री ने भी सरस्वती शिशु मंदिर से ही शिक्षा प्राप्त की है।
उन्होंने वर्तमान समय में संस्कारों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि वृद्धाश्रमों की बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि समाज में संस्कारों की कमी होती जा रही है। कथा उपरांत पं. पाठक ने सरस्वती शिशु मंदिर के भैया-बहनों व आचार्य परिवार से चर्चा कर उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया।