नीमच। जिले में अतिवृष्टि से बर्बाद हुई फसलों को लेकर किसानों का सब्र टूट गया है। आज सैकड़ों किसान कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
किसानों का आरोप है कि प्रशासन सर्वे में देरी कर रहा है, जबकि उनकी सोयाबीन की लगभग 70 प्रतिशत फसलें पानी भरने और पीला मोजेक रोग के कारण पूरी तरह चौपट हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि अगर अगले 7-8 दिनों में सर्वे नहीं हुआ तो फसलें हटानी पड़ेंगी, जिससे नुकसान का आकलन संभव नहीं रहेगा।
किसानों ने कलेक्टर से तुरंत पटवारियों को खेतों का सर्वे कराने, बर्बाद फसलों का मुआवजा दिलाने और फसल बीमा राशि शीघ्र जारी करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
किसानों ने कहा कि वे अपनी समस्याएँ 1 सितंबर को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के सामने भी रखेंगे। ज्ञापन देने वालों में अड़मालिया, दोवड़, भादवा माता, काना खेड़ा सहित कई गाँवों के किसान शामिल थे।