चित्तौड़गढ़। दादी प्रकाशमणी के पावन स्मृति दिवस पर दादीजी को स्नेह और प्यार भरी श्रद्धांजलि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के कपासन सेवा केंद्र पर कार्यक्रम आयोजित किया। शुरुआत चित्तौड़गढ़ से अनीता दीदी ने ईश्वरीय महा वाक्य सुन कर की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चित्तौड़गढ़ सेवा केंद्र की प्रभारी राज योगिनी आशा दीदी ने दादी जी की विशेषताएं बताते हुए कहा कि दादी जी दिव्यता की मूर्ति, महान तपस्वी, आध्यात्मिकता से परिपूर्ण बचपन से ही दिव्य आभा से आलोकित थी। दादी जी की अलौकिक शक्ति को पहचानकर प्रजापिता ब्रह्मा बाबा ने दादी प्रकाशमणि जी व अन्य माताओं कुमारियों का संगठन बनाकर अपना सर्वस्व ईश्वरीय सेवा अर्थ समर्पित किया। तब से दादी जी इस ईश्वरीय विश्वविद्यालय की एक स्थापना-स्तम्भ के रूप में आध्यत्मिक ज्ञान और राजयोग को प्रस्तुत करने में एक अनुपम प्रेरणास्रोत बनी।
आशा दीदी ने कहा कि दादी जी ने जिस प्रकार यज्ञ की वृद्धि की ,मातृ स्नेह से सबकी पालना की, यज्ञ का प्रशासन जिस कुशलता के साथ संभाला, उसे कोई भी भुला नहीं सकता। दादी जी बाबा की अति दुलारी, सच्चाई और पवित्रता की प्रतिमूर्ति थी, वे शुरू से ही यज्ञ के प्रशासन में सदा आगे रहीं।
इसी बीच निंबाहेड़ा सेवा केंद्र की संचालिका शिवली दीदी ने भी अपने अनुभव सुनाए । उन्होंने कहा कि ईश्वरीय विश्वविद्यालय के साकार संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा ने अपने देहावसान की पूर्व संध्या पर दादी जी की अदम्य साहस ,निष्ठा ,ईमानदारी तथा विश्व कल्याण की सेवाओं में समर्पणता को देखते हुए, अपना हाथ दादी जी के हाथ में देते हुए अपनी सर्व-शक्तियाँ हस्तांतरित कर ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बागडोर सौंपी। तब से लेकर जीवन के अंतिम क्षण तक दादी जी ने कुशल प्रशासन के द्वारा अपनी अथक सेवाएं देते हुए सभी ब्रह्मा-वत्सों को एकता के सूत्र में पिरोकर हर एक की विशेषता को कार्य में लगाते हुए अनेकानेक यादगार कार्यक्रम किये। बीके मधु बहन कपासन सेवा केंद्र संचालिका ने कहा कि दादी जी ने 25 अगस्त 2007 को अपनी भौतिक देह का त्याग कर नयी दुनिया का प्रारम्भ करने के निमित्त एडवांस पार्टी में अपना पार्ट नूँध लिया । ऐसी ममतामयी त्याग की मूर्त परमश्रद्धेया दादी जी को शत-शत नमन । इस कार्यक्रम में सुभाष पुरोहित नवाचार संस्थान के अरुण कुमावत भगवती सोनी सोनी समाज के जिला अध्यक्ष तथा अन्य सभी माता बहनों ने दृढ़ संकल्प किया कि हम दादी सामान बनकर दिखाएंगे।