मनासा। गांव निवास राजपुरा के श्रद्धेय भगतराम गुर्जर (भगत जी) का हाल ही में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
भगत जी समाज में अपने धार्मिक और सामाजिक योगदान के लिए विख्यात थे। उन्होंने अपने जीवनकाल में न केवल गुर्जर समाज बल्कि अन्य समाजों के धार्मिक आयोजनों और सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रूप से सहयोग किया। मंदिर निर्माण, भजन मंडलियों का संचालन, धार्मिक यात्राओं का आयोजन तथा जरूरतमंद परिवारों की मदद में उनकी भागीदारी हमेशा सराहनीय रही। इसी वजह से क्षेत्रभर में लोग उन्हें स्नेह और आदर से “भगत जी” कहकर पुकारते थे।
उनके निधन से समाज में अपूरणीय क्षति हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि भगत जी हमेशा लोगों को धर्म और समाज सेवा की राह पर चलने की प्रेरणा देते थे। उनकी सरलता, विनम्रता और सेवा भाव को भुलाना कठिन होगा।
परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार उन्हें 2 सितंबर को सुबह 8 बजे अंतिम विदाई दी जाएगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजजन, परिजन, ग्रामीण और क्षेत्र के गणमान्यजन शामिल होकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। उक्त जानकारी बद्रीलाल गुर्जर द्वारा दी गई।