नीमच। जिले में इस साल सोयाबीन की फसल पर पीला मोज़ेक रोग और भारी बारिश की मार से किसान बुरी तरह प्रभावित हैं। इसी को लेकर आज बड़ी संख्या में किसानों ने अपनी खराब हुई फसलों के साथ कलेक्टर कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार से तुरंत मुआवजे और फसल बीमा क्लेम की मांग की।
किसानों का कहना है कि भाटखेड़ा, कराड़िया महाराज, रावतखेड़ा, जीरन तहसील और पालराखेड़ा जैसे जिले के अधिकांश गाँवों में 80-90 प्रतिशत तक फसल बर्बाद हो चुकी है, लेकिन अभी तक प्रशासन ने सर्वे का काम भी शुरू नहीं किया है। आक्रोशित किसानों ने जय जवान मर गया किसान, बीमा नहीं तो वोट नहीं, पीड़ित किसान कमजोर भारत, और सुखी किसान समृद्ध भारत जैसे नारे लगाए। अन्नदाताओं ने विरोध के अनोखे तरीके अपनाते हुए अपनी बर्बाद फसलों पर फूल-मालाएं चढ़ाकर अगरबत्ती जलाई और सरकार को सद्बुद्धि देने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ भी किया।
किसानों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर राजस्व विभाग से तुरंत सर्वे कराकर नुकसान का आकलन करने और उचित मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने फसल बीमा योजना के तहत भी जल्द से जल्द मुआवजा राशि उनके खातों में जमा कराने का अनुरोध किया। किसानों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि पिछले पांच सालों से लगातार फसल खराब हो रही है, लेकिन उन्हें आज तक फसल बीमा का एक भी रुपया नहीं मिला। मिलने भी है तो ना के बराबर। किसानों ने प्रशासन से अपील की है कि उनके हक का पैसा जल्द से जल्द दिलवाया जाए। किसान इस प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान से उबरने के लिए सरकार और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।