चीताखेड़ा। दस दिवसीय गणेशोत्सव के आगाज के साथ गौरी पुत्र गजानन की आराधना सार्वजनिक देवालयों एवं अपने-अपने निजी स्थलों पर तथा घर-घर में विधि विधान पूर्वक वैदिक मंत्रोच्चार से सुबह शाम आराधना भक्ति भाव के साथ की जा रही हैं । चारों ओर गणपति बप्पा की जय जयकार की गूंज गूंज रही है। बप्पा के पंडालो में हो रही भक्ति पूरे परवान पर है। भव्य सुसज्जित पंडाल में भव्य विराजित बप्पा की प्रतिमाएं सभी को अपनी और आकर्षित कर रही है।
गणपति बप्पा मोरिया की गूंज के साथ भगवान विघ्नहर्ता की सुबह-शाम हो रही आरती में भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा है। इन दोनों पूरा अंचल बप्पा की भक्ति में रमा हुआ है। सुबह शाम गणेश पंडालों में लग रही भक्तों की भीड़ गणेश उत्सव की चीताखेड़ा अंचल में काफी धूम नजर आ रही है। शाम ढलते ही गांव की गली मौहल्लों में गणपति बप्पा के गीतों के स्वर लहरियां सुनाई देने लगती है।ग्राम के माली मोहल्ले में स्थित अति प्राचीन शिव मंदिर पर 44 वां गणेश उत्सव माली समाज के युवाओं द्वारा मनाया जा रहा है। जिसमें इस बार 7 फीट की गणेश प्रतिमा भव्य साथ सज्जा के साथ विराजित की है। यहां उत्सुकता के साथ दर्शन आरती प्रसादी में बड़ी संख्या में ग्रामीण जन शामिल हो रहे हैं। बप्पा के पंडालों में विद्युत डेकोरेशन एवं फुल पन्नियों से जगमगाते पंडाल आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इधर घरों में भी रिद्धि-सिद्धि के देवता भगवान श्री गणेश की आराधना भक्ति भाव के साथ हो रही है। अंचल के बड़े आयोजनों के साथ लोकप्रियता के नये आयाम स्थापित करता माली समाज द्वारा संचालित शिव गणेशोत्सव महोत्सव अपने अलग और अनूठे स्वरूप के लिए अंचल के साथ गांव में भी अलग पहचान रखता है। आयोजन हो या देखने वालों का स्तर हों इस तरह से आयोजन की प्रशंसा दूर दूर तक होती है।
गणेशोत्सव समिति द्वारा प्रतिदिन नित्य नई -नई प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है कभी जलेबी प्रतियोगिता तो कभी चम्मच रेस तो कभी दही की हांडी फोड़ प्रतियोगिता तो कभी कोन सी प्रतियोगिता का आयोजन कर विजेता को पुरुस्कार प्रदान किया जा रहा है। इस अवसर पर कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन के अलावा ग्रामीण जन भी बड़ी संख्या में मौजूद थे। गांव के बड़ी होली चौक सिद्धेश्वर महादेव, राजीव कालोनी, नई आबादी, मांगरिया मौहल्ले सहित कई स्थानों पर युवाओं द्वारा गणपति बप्पा की प्रतिदिन सुबह शाम पुजा पाठ की जा रही है।