नीमच। आहार एवं पोषण विशेषज्ञ श्रुति दानगढ़ ने राष्ट्रीय पोषण माह के अवसर पर कहा कि सही पोषण को समझना और अपनाना सभी के लिए जरूरी है, विशेषकर किशोरी बालिकाओं के लिए। क्योंकि एक सुपोषित किशोरी ही आगे चलकर सशक्त नारी बनती है। उन्होंने कहा कि भारत की बेटियाँ हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रही हैं, और उनके स्वस्थ भविष्य के लिए किशोरावस्था में संतुलित आहार आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि किशोरावस्था में शरीर को अधिक पोषक तत्वों की जरूरत होती है। खासतौर पर आयरन की कमी किशोरियों में अधिक देखी जाती है। इसे दूर करने के लिए अनाज, फल, सब्जियाँ, दाल, दूध एवं दूध से बने उत्पादों को आहार में शामिल करना चाहिए, जिससे विटामिन, मिनरल और न्यूट्रिएंट्स संतुलित मात्रा में मिल सकें।
दैनिक आहार में शामिल करें ये खाद्य पदार्थ-
- हरी पत्तेदार सब्जियाँ जैसे पालक, मेथी, अरबी के पत्ते, पुदीना, चौलाई तथा चने, अंजीर व हलीम के बीज।
- अनार, गाजर और चुकंदर को सूप, जूस या सलाद के रूप में।
- आयरन युक्त भोजन पर नींबू का रस डालें, जिससे आयरन का अवशोषण बढ़े।
- आंवला, अमरूद और अन्य खट्टे फल आहार में शामिल करें।
- आयरन युक्त भोजन के कुछ घंटे बाद तक चाय व कॉफी का सेवन न करें।
- कैल्शियम के लिए दूध, दही, तिल, रागी व हरी पत्तेदार सब्जियाँ खाएँ।
सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच 30 मिनट धूप में रहें, ताकि विटामिन-डी से कैल्शियम का अवशोषण बेहतर हो सके।