नीमच। नबी ए करीम पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम साहब के जन्मदिन के रूप में मनाया जाने वाला ईद-ए-मिलादुन्नबी का त्यौहार आज गुरूवार को नीमच में दाऊदी बोहरा समाज द्वारा बड़े ही जोश और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बोहरा समाज के लोगों ने एक भव्य जुलूस निकाला, जिसमें शहर की सड़कें देशभक्ति और धार्मिक नारों से गूंज उठीं।

बोहरा बाजार के बाहर से शुरू हुआ यह विशाल जुलूस बेहद अनुशासित और पारंपरिक ढंग से आगे बढ़ा। जुलूस में शामिल समाज के सदस्य अपनी पारंपरिक वेशभूषा में थे, जो इस पर्व की गरिमा को और बढ़ा रहा था। जुलूस का मुख्य आकर्षण बच्चों से सजी हुई बग्गी और घोड़ों पर सवार समाज के वरिष्ठ थे, जो परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम प्रस्तुत कर रहे थे। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष तरुण बाहेती और अन्य सामाजिक संगठनों ने जुलूस का स्वागत किया।

जुलूस के दौरान हिंदुस्तान जिंदाबाद, नारा-ए-तकबीर और नारा-ए-रिसालत जैसे नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। जुलूस में न केवल धार्मिक आस्था बल्कि अनुशासन और देशभक्ति की भावना भी साफ दिखाई दी। बुरहानी गार्ड ने पूरे जुलूस की कमान संभाल रखी थी, जिससे जुलूस अत्यंत व्यवस्थित रहा। इज्जी स्काउट बैंड ने अपनी मधुर धुनों से लोगों का मन मोह लिया और जुलूस में विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा।

इस मौके पर समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों, दाना कमेटी और नजाफत कमेटी के सदस्यों ने भी विशेष रूप से भाग लिया। जुलूस के दौरान पैगंबर मोहम्मद साहब की उस शिक्षा को भी याद किया गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि जिस देश में रहो, उससे प्यार करो। यह संदेश आज के दौर में और भी अधिक प्रासंगिक हो जाता है। यह आयोजन दाऊदी बोहरा समाज की एकता, धार्मिक आस्था और देश के प्रति उनके गहरे प्रेम को दर्शाता है।
