नीमच। शहर में AIKYA ACADEMY द्वारा आयोजित AIKYA मैराथन 2025 पूरे उत्साह, अनुशासन और ऊर्जा के साथ संपन्न हुई। इस मैराथन ने न केवल फिटनेस बल्कि युवाओं में अधिकारी जैसी योग्यताओं के विकास का सशक्त संदेश दिया।
AIKYA ACADEMY रक्षा सेवाओं की तैयारी कर रहे युवाओं में नेतृत्व, अनुशासन, टीमवर्क और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने के उद्देश्य से वर्ष भर स्ट्रीट प्रेज़ेंटेशन, ट्रेकिंग, स्किट एवं मैराथन जैसी गतिविधियों का आयोजन करती है। AIKYA मैराथन 2025 इसी श्रृंखला की एक महत्वपूर्ण कड़ी रही।
इस गरिमामयी आयोजन के मुख्य अतिथि रहे
श्री राकेशजी कोठारी, श्री प्रभु मूलचंदानी एवं आर.आई. श्री विक्रम सिंह भदौरिया, जिनकी उपस्थिति ने प्रतिभागियों का उत्साह कई गुना बढ़ा दिया।
मैराथन की श्रेणियाँ-
मैराथन का आयोजन बालक एवं बालिकाओं के लिए तीन श्रेणियों में किया गया-
मिनी वर्ग: 5 से 12 वर्ष
जूनियर वर्ग: 12 से 18 वर्ष
सीनियर वर्ग: 18 वर्ष एवं उससे अधिक
AIKYA मैराथन 2025 के विजेता-
सीनियर बालक वर्ग (6 किलोमीटर)
प्रथम: ईश्वरलाल – 19:41
द्वितीय: नरेंद्र सिंह – 19:55
तृतीय: अंकित रावत– 21:03
सीनियर बालिका वर्ग
प्रथम: मोनिका राजपूत – 28:44
द्वितीय: दिव्या सोनी – 32:34
तृतीय: जया लोहार – 40:25
जूनियर बालक वर्ग
प्रथम: धीरज – 22:03
द्वितीय: दीपक नाथ – 22:34
तृतीय: सौम्य अहीर – 22:45
जूनियर बालिका वर्ग
प्रथम: कनक श्री धरवाल – 24:43
द्वितीय: रिधि राठौर – 26:42
तृतीय: आश्मी कटारिया – 28:14
मिनी बालक वर्ग
प्रथम: निदेश्वरम राठौर – 25:56
द्वितीय: भव्यांश पटेल – 26:02
तृतीय: आरव बाफना – 26:04
मिनी बालिका वर्ग
प्रथम: कनिष्का गेहलोत – 28:15
द्वितीय: यश्वी शर्मा – 28:38
तृतीय: छवि बैरागी – 31:54
मुख्य अतिथियों ने सभी विजेताओं एवं प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आज के समय में बढ़ते मोबाइल उपयोग और बैठी हुई जीवनशैली के दौर में इस प्रकार की गतिविधियाँ एक स्वस्थ और सक्रिय समाज की आशा की किरण हैं।
AIKYA ACADEMY के निदेशक श्री धीरेन्द्र गहलोत ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने 60 वर्ष से अधिक आयु के प्रतिभागियों की विशेष सराहना की तथा 5 वर्ष के नन्हे प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप शील्ड प्रदान किए जाने का विशेष उल्लेख किया।
AIKYA मैराथन 2025 केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन, एकता और राष्ट्र निर्माण का प्रेरक संदेश बनकर उभरी।