जीरन। जीरन के समीप स्थित पौराणिक एवं सिद्ध स्थल रामझर महादेव मंदिर में सोमवार सुबह एक रहस्यमयी घटना सामने आई, जिसमें वर्षों से तपस्या कर रहे संत कन्हैयालाल जी महाराज अपनी कुटिया से अचानक लापता हो गए।

जानकारी के अनुसार, रोजाना की तरह मंदिर समिति के सेवादार जब महाराज को दूध देने पहुंचे तो उन्होंने आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर संदेह हुआ, जिसके बाद समिति के अन्य सदस्यों की मौजूदगी में दरवाजा खोला गया।

बताया जा रहा है कि कुटिया का दरवाजा अंदर से बंद था और अंदर बाहर निकलने का कोई अन्य मार्ग नहीं था। कमरे में महाराज का मोबाइल, खड़ाऊं, वस्त्र, झोला तथा सहारे के लिए उपयोग होने वाली लकड़ी भी मौजूद मिली, लेकिन महाराज का कोई पता नहीं चला।

घटना के बाद पूरे परिसर की तलाशी ली गई, परंतु संत का कोई सुराग नहीं मिला। इससे क्षेत्र में आश्चर्य और कौतूहल का माहौल है। सूचना मिलने पर डायल 112 और चीताखेड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस सभी पहलुओं से घटना की जांच कर रही है।

फिलहाल मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण एकत्रित हैं और सभी के मन में एक ही सवाल है कि संत कन्हैयालाल जी महाराज आखिर कहां गए।
