सरवानिया महाराज। शहर के विद्यार्थियों के लिए सोमवार को पर्यावरण शिक्षण कार्यक्रम (ईईपी) के अंतर्गत श्री धन्वंतरी पीठम, श्री अंबा माता आरोग्य आश्रम, निपानिया आबाद में “सतत जीवन शैली” विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम दो सत्रों में सम्पन्न हुआ।
प्रथम सत्र में वैद्य नवनीत मगरदे ने आयुर्वेदिक औषधियों एवं उनके उपयोग की जानकारी दी। वैद्य वैभवी गिराने और विपीन सोनी ने अश्वगंधा, गिलोय, पीपल जैसे औषधीय पौधों के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं, कृतिका उपाध्याय ने योग एवं विभिन्न आसनों के लाभ बताए। इसके पश्चात प्रश्न मंच प्रतियोगिता आयोजित हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
द्वितीय सत्र का शुभारंभ पीठाधीश्वर सुरेशानंद गुरु एवं अतिथियों द्वारा भगवान धन्वंतरि के पूजन के साथ हुआ। संकुल प्राचार्य आर.के. मीणा ने पर्यावरण संरक्षण एवं आयुर्वेद की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। विद्यालय की प्राचार्या स्मिता शर्मा ने सतत जीवन शैली के महत्व को बताते हुए प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग पर जोर दिया।
कार्यक्रम में राष्ट्र सेविका समिति मालवा प्रांत कार्यवाहिका भारती कुशवाहा ने योग और आयुर्वेद को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संदेश दिया। पीठाधीश्वर सुरेशानंद ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि ज्ञान को व्यवहार में उतारना होना चाहिए।
इस अवसर पर पक्षियों के लिए वृक्षों पर सकोरे भी लगाए गए। कार्यक्रम का संचालन इको क्लब प्रभारी सुधा महावर ने किया तथा आभार प्रदर्शन ललिता सांवरिया ने किया।