गरोठ/भानपुरा। क्षेत्र में अवैध सट्टे का कारोबार एक बार फिर संगठित रूप में सक्रिय हो गया है। कुछ माह पूर्व प्रशासन की सख्त कार्रवाई के बाद यह धंधा ठप पड़ गया था, लेकिन अब यह पहले से अधिक व्यवस्थित और तेज़ी से संचालित हो रहा है।
सूत्रों के अनुसार इस अवैध नेटवर्क की सबसे बड़ी समस्या सूचना लीक होना है। हाल ही में क्षेत्र में सट्टेबाजी की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचाई गई, लेकिन कुछ ही समय में यह सूचना सटोरियों तक भी पहुंच गई, जिससे कार्रवाई प्रभावी नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि जैसे ही कोई सूचना उच्च स्तर पर जाती है, वह निचले स्तर पर लीक हो जाती है, जिससे सटोरिये तुरंत अपने ठिकाने बदल लेते हैं या अस्थायी रूप से गतिविधियां बंद कर देते हैं।
जानकारों का कहना है कि अब इस अवैध कारोबार में ‘सेटिंग’ और ‘हिस्सेदारी’ का जाल फैल चुका है। छोटे स्तर से लेकर बड़े स्तर तक कई लोग इस नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे हैं, जिससे सट्टा कारोबार पहले से अधिक संगठित और महंगा हो गया है।
हाल ही में मीडिया टीम द्वारा मौके पर जानकारी जुटाने के दौरान सटोरियों की बेचौनी भी सामने आई। एक सटोरिये ने नाराजगी जताते हुए कहा कि खबरों के कारण उनका काम प्रभावित हुआ है। यह स्थिति दर्शाती है कि सच्चाई सामने आने से नेटवर्क पर असर पड़ता है।
भानपुरा बस स्टैंड एवं आसपास के क्षेत्रों में इस अवैध गतिविधि की चर्चा जोरों पर है। बताया जा रहा है कि संबंधित मामले में कुछ वीडियो एवं प्रमाण भी उपलब्ध हैं, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर उच्च अधिकारियों को सौंपा जा सकता है।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह ‘लीक सिस्टम’ कैसे काम कर रहा है। क्या खुफिया तंत्र में कमी है या अंदरूनी स्तर पर कोई गड़बड़ी?
इस संबंध में थाना प्रभारी रमेश चंद्र डांगी ने बताया कि सट्टे के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल पुलिस दुधाखेड़ी के एक बड़े मामले में व्यस्त है, लेकिन जल्द ही इस दिशा में कदम उठाए जाएंगे।