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April 29, 2026, 10:21 am
BIG NEWS : नीमच जिले के मनासा में बाहरी पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश, अवैध सर्राफा नेटवर्क का भंडाफोड़, कर्नाटक और राजस्थान पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से मचा हड़कंप, करोड़ों के सोना-चांदी का खेल उजागर, पढ़े शब्बीर बोहरा की खबर 

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मनासा। मनासा थाना क्षेत्र एक बार फिर अन्य राज्यों की पुलिस की कार्रवाई को लेकर चर्चा में है। यह पहली बार नहीं है जब विभिन्न राज्यों की पुलिस ने यहां दबिश दी हो। बार-बार हो रही ऐसी कार्रवाइयों से स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। लाखों-करोड़ों रुपये के चोरी के सोना-चांदी के अवैध कारोबार की आशंका को भी इससे बल मिल रहा है।

हाल ही में एक ही दिन में कर्नाटक और राजस्थान पुलिस की अलग-अलग टीमों ने मनासा थाना क्षेत्र में दबिश देकर अंतर्राज्यीय चोरी गिरोहों और अवैध सर्राफा कारोबार का खुलासा किया। दोनों राज्यों की पुलिस द्वारा की गई अलग-अलग कार्रवाइयों में ऐसे गिरोहों का पर्दाफाश हुआ है, जिनके तार मनासा एवं आसपास के क्षेत्रों से जुड़े पाए गए हैं।

कर्नाटक पुलिस की कार्रवाई
कर्नाटक राज्य के चिक्कबल्लापुर थाना क्षेत्र से आए जांच अधिकारी रंजन कुमार ने बताया कि उनकी टीम ने एक अंतर्राज्यीय चोरी गिरोह को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि चोरी किया गया सोना-चांदी मनासा के दीपक सोनी सहित अन्य व्यापारियों को बेचा जाता था।

इसी आधार पर कर्नाटक पुलिस की टीम मनासा पहुंची और दीपक सोनी से थाने में पूछताछ की। पूछताछ के दौरान दीपक सोनी ने पुलिस की मौजूदगी में अपनी दुकान से लगभग 50 ग्राम सोना बरामद कर सौंपा। आगे की जांच के लिए टीम ग्राम पड़दा भी पहुंची, जहां एक अन्य संदिग्ध व्यापारी के फरार होने की जानकारी सामने आई है।

जांच अधिकारी के अनुसार गिरफ्तार गिरोह के सदस्य मनासा एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के निवासी हैं। यह गिरोह कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में सक्रिय था तथा अब तक लगभग 2 किलो से अधिक सोना-चांदी की चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुका है।

राजस्थान पुलिस की कार्रवाई
इसी प्रकार राजस्थान के जैसलमेर जिले के सांगर थाना क्षेत्र से आई एएसआई आसुराम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने भी मनासा क्षेत्र से जुड़े एक अन्य चोरी गिरोह को पकड़ा है। इस गिरोह में 12 से अधिक सदस्य शामिल हैं, जिनमें से 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य 6 की तलाश जारी है।

गिरफ्तार आरोपियों ने करीब 40 तोला सोना और 3 किलो चांदी चोरी करना स्वीकार किया है। आरोपियों ने यह भी बताया कि चोरी का माल मनासा एवं अन्य शहरों के व्यापारियों को बेचा जाता था। इस मामले में राजस्थान पुलिस की टीम आगे की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

अवैध कारोबार पर सवाल
सूत्रों के अनुसार, इन मामलों में और भी चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना है। जैसलमेर पुलिस मनासा क्षेत्र में लगातार दबिश देकर फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।

गौरतलब है कि मनासा थाना क्षेत्र में चोरी के माल की खरीद-फरोख्त को लेकर पहले भी कई बार अन्य राज्यों की पुलिस कार्रवाई कर चुकी है। कई मामलों में आरोपी फरार हो जाते हैं, जबकि कुछ मामलों में लेन-देन के जरिए मामले दबने की चर्चाएं भी सामने आती रही हैं।

स्थानीय स्तर पर यह चर्चा आम है कि सोना-चांदी की अवैध तस्करी एवं खरीद-फरोख्त खुलेआम जारी है। चोरी का माल कम दामों में खरीदकर उसे गलाकर बाजार में ऊंचे दामों पर बेचे जाने की बात भी सामने आ रही है।

दोनों मामलों में पकड़े गए गिरोहों में बर्डिया, तलाऊ, हाड़ीपिपल्या, कड़ी सहित आसपास के कई गांवों के आरोपी शामिल बताए जा रहे हैं। फिलहाल कर्नाटक और राजस्थान पुलिस की टीमें मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।

लगातार बाहरी पुलिस की कार्रवाइयों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि स्थानीय स्तर पर इस अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण क्यों नहीं हो पा रहा है।

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