मोरवन। मंगलवार को दिन और रात हुई तेज बारिश से क्षेत्र के नदी-नालों में पानी की आवक बढ़ गई है। अच्छी बारिश के चलते जावद तहसील की प्रमुख सिंचाई परियोजना तखतमल जैन मोरवन बांध के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हुई है। बांध में करीब दो फीट पानी की आवक होने के बाद जलस्तर 37 फीट के करीब पहुंच गया है। इससे क्षेत्र के किसानों के चेहरे पर खुशी दिखाई दे रही है।
52 फीट है बांध की जलभराव क्षमता
मोरवन बांध की कुल जलभराव क्षमता 52 फीट है। बारिश शुरू होने से पहले बांध में करीब 31 फीट पानी था। पिछले दो माह में करीब 6 फीट पानी की आवक हुई है। वर्तमान में बांध अभी भी अपनी क्षमता से करीब 15 फीट खाली है। क्षेत्र में बारिश का आधा मौसम बीतने को है, ऐसे में किसानों को उम्मीद है कि आगामी दिनों में अच्छी बारिश होने पर बांध पूरी तरह भर सकता है।
रबी की फसल के लिए बांध पर निर्भर किसान-
मोरवन बांध का पानी सिंचाई के साथ-साथ पेयजल के लिए भी उपयोग किया जाता है। बांध की नहरों के माध्यम से करीब 2,671 हेक्टेयर भूमि में रबी सीजन की गेहूं, चना सहित अन्य फसलों की सिंचाई होती है। बांध की नहरों से गणेशपुरा, आकली, मुकंदपुरा, बरखेड़ा, नागपुरिया, जावद, अठाना, नानपुरिया, रूपपुरा, लालपुरा चौहान, खेड़ा, मोरवन सहित करीब 26 गांवों के किसान रबी की फसलों के लिए पानी लेते हैं। क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसान सिंचाई के लिए इसी बांध पर निर्भर हैं।
पेयजल के लिए भी महत्वपूर्ण है मोरवन बांध-
मोरवन बांध के निस्तारण क्षेत्र में बने कुओं से जावद और सरवानिया महाराज नगर परिषद क्षेत्र में पेयजल की आपूर्ति भी की जाती है। ऐसे में बांध का पर्याप्त भरना क्षेत्र के किसानों के साथ-साथ आमजन के लिए भी महत्वपूर्ण है।
अच्छी बारिश के बाद जलस्तर बढ़ने से किसानों को रबी फसल के लिए पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद जगी है। अब सभी की नजरें आगामी दिनों में होने वाली बारिश पर टिकी हैं। देखना होगा कि इस मानसून में मोरवन बांध अपनी 52 फीट की क्षमता तक पहुंचकर ओवरफ्लो होता है या नहीं।