नीमच। पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा की पैदाइश के मुबारक अवसर पर बुधवार को नीमच में ईद-उल-मिलादुन्नबी का पर्व पूरे उत्साह, अकीदत और शान-ओ-शौकत के साथ मनाया गया। इस अवसर पर धार्मिक आस्था के साथ राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता की भी अनूठी तस्वीर देखने को मिली। जुलूस के दौरान जहां ‘सरकार की आमद मरहबा’, ‘हुजूर की आमद मरहबा’ और ‘मरहबा या मुस्तफा’ के नारे गूंजे, वहीं ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’ के नारों ने देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।
जामा मस्जिद से निकला भव्य जुलूस-
जश्ने ईद मिलादुन्नबी का भव्य जुलूस नीमच की जामा मस्जिद से शान-ओ-शौकत के साथ प्रारंभ हुआ। जुलूस में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाजजन शामिल हुए। समाजजनों ने पैगंबर हजरत मोहम्मद मुस्तफा की शिक्षाओं को याद करते हुए अमन, मोहब्बत, इंसानियत, भाईचारे और आपसी सद्भाव का संदेश दिया।
जुलूस के दौरान धार्मिक उत्साह और राष्ट्रीय भावना का सुंदर संगम देखने को मिला। ‘मरहबा या मुस्तफा’ की सदाओं के साथ जब ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’ के नारे बुलंद हुए तो माहौल में धार्मिक आस्था के साथ राष्ट्रप्रेम की भावना भी नजर आई।
अमन और भाईचारे का दिया संदेश-
समाजजनों ने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा ने इंसानियत, अमन और भाईचारे का संदेश दिया है। उनके बताए आदर्श समाज को जोड़ने तथा आपसी सौहार्द को मजबूत करने की प्रेरणा देते हैं।
नीमच में जश्ने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर निकला यह जुलूस धार्मिक आस्था के साथ राष्ट्रीय एकता, अखंडता, अमन और भाईचारे के संदेश का भी प्रतीक बना।