चित्तौड़गढ़। जिला विशेष टीम (डीएसटी) ने कार्रवाई करते हुए नीमच जिले के रतनगढ़ थाना क्षेत्र में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण में वांछित 5 हजार रुपए के इनामी आरोपी रोशन शर्मा निवासी खारखंदा को गंगरार से डिटेन किया है। आरोपी करीब दो साल से फरार चल रहा था और पुलिस से बचने के लिए राजसमंद क्षेत्र में मार्बल फैक्ट्री में मजदूरी कर रहा था।
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि इनामी एवं वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस निरीक्षक जोधाराम के निर्देशन में एएसआई सूरज कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी।
पुलिस के अनुसार मुखबिर से एएसआई सूरज कुमार को सूचना मिली कि रतनगढ़ थाना, जिला नीमच (मध्यप्रदेश) के एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण में 5 हजार रुपए का इनामी आरोपी रोशन लाल शर्मा राजसमंद क्षेत्र में मार्बल फैक्ट्री में मजदूरी कर फरारी काट रहा है। वह वर्तमान में अपने घर आया हुआ है और घरेलू सामान खरीदने के लिए गंगरार आने वाला है।
सूचना विश्वसनीय होने पर डीएसटी टीम गंगरार पहुंची और किराना दुकानों के आसपास निगरानी शुरू की। कुछ समय बाद मुखबिर के बताए हुलिए का एक व्यक्ति किराना स्टोर पर दिखाई दिया। पुलिस टीम ने उसके पास जाकर नाम-पता पूछा तो उसने घबराते हुए अपना नाम रोशन पिता जानकीलाल शर्मा, निवासी खारखंदा, थाना गंगरार, जिला चित्तौड़गढ़ बताया। पुलिस ने रिकॉर्ड की पुष्टि के बाद उसे नियमानुसार डिटेन कर रतनगढ़ थाना पुलिस, जिला नीमच को सूचना दी।
पुलिस के अनुसार रतनगढ़ थाना पुलिस 369 किलोग्राम डोडाचूरा से संबंधित एनडीपीएस एक्ट के मामले में आरोपी की करीब दो साल से तलाश कर रही थी।
मोबाइल नहीं रखता था, दोस्तों के फोन से करता था संपर्क-
पुलिस के अनुसार आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए मोबाइल फोन नहीं रखता था और हुलिया बदलकर राजसमंद क्षेत्र में मार्बल फैक्ट्री में मजदूरी करता था। वह अपने साथियों के मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता था। बताया गया कि आरोपी घर पर आने के बजाय दोस्तों के घर पर ही ठहरता था।
डीएसटी टीम-
एएसआई सूरज कुमार, राज कुमार (साइबर सेल), कांस्टेबल जगदीश, रामकेश, देवेंद्र, सुरेश सुंडा, अरविंद, अशोक, कृष्णकांत एवं वीरेंद्र।