नीमच। नीमच के पूर्व विधायक डॉ. सम्पत स्वरूप जाजू ने नीमच रेलवे स्टेशन सहित मंदसौर-नीमच संसदीय क्षेत्र में रेल सुविधाओं को लेकर सांसद सुधीर गुप्ता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने हाल ही में पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक एवं रतलाम मंडल के डीआरएम द्वारा नीमच रेलवे स्टेशन के निरीक्षण के बाद स्टेशन की व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताए जाने और सांसद द्वारा स्टेशन के विकास को अभूतपूर्व परिवर्तन बताए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त की।
डॉ. जाजू ने कहा कि नीमच रेलवे स्टेशन को लेकर किए जा रहे विकास के दावों की वास्तविक स्थिति जमीनी स्तर पर अलग नजर आती है। उन्होंने स्टेशन पर कई कार्यों के अधूरे रहने तथा क्षेत्र में नई रेल सुविधाओं की मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया।
13 वर्ष पहले मॉडल स्टेशन योजना में शामिल हुआ था नीमच-
डॉ. जाजू ने कहा कि करीब 13 वर्ष पूर्व तत्कालीन यूपीए सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन सांसद मीनाक्षी नटराजन की अनुशंसा पर देश के चुनिंदा रेलवे स्टेशनों को मॉडल स्टेशन योजना में शामिल किया गया था। इसमें मंदसौर और नीमच रेलवे स्टेशन भी शामिल थे।
उनके अनुसार, वर्ष 2022 में केंद्र सरकार ने मॉडल स्टेशन योजना में संशोधन करते हुए इसे अमृत भारत स्टेशन योजना के रूप में आगे बढ़ाया और नीमच एवं मंदसौर को भी इसमें शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद दोनों स्टेशनों को अब तक योजना का अपेक्षित पूरा लाभ नहीं मिल पाया है।
नीमच स्टेशन पर कई कार्य अधूरे होने का दावा-
पूर्व विधायक ने कहा कि नीमच रेलवे स्टेशन पर दूसरा फुट ओवरब्रिज स्वीकृत होने के बावजूद लंबे समय से अधूरा है। उनके अनुसार, एफओबी का प्रारंभिक नक्शा त्रुटिपूर्ण होने के कारण उसे संशोधित कर वर्ष 2026 में दोबारा स्वीकृति दी गई, लेकिन इसके बाद भी कार्य पूरी तरह पूरा नहीं हुआ है।
उन्होंने स्टेशन पर लिफ्ट सुविधा और एस्केलेटर की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि मॉडल स्टेशन योजना के समय से ही लिफ्ट की आवश्यकता बताई जाती रही, लेकिन अभी तक यात्रियों को यह सुविधा नहीं मिल सकी है। वहीं प्लेटफॉर्म नंबर-3 का कार्य भी अधूरा बताया। डॉ. जाजू ने स्टेशन के बघाना क्षेत्र की ओर अपेक्षित विकास कार्य शुरू नहीं होने का भी मुद्दा उठाया।
रेलवे ओवरब्रिज को लेकर भी उठाए सवाल-
डॉ. जाजू ने नीमच रेलवे स्टेशन से लगे रेलवे क्रॉसिंग तथा हिंगोरिया गांव के समीप स्वीकृत रेलवे ओवरब्रिज का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2021 से प्रस्तावित इन कार्यों के लिए रेल मंत्रालय से संबंधित स्वीकृतियां अब तक नहीं हो सकी हैं।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और रेल मंडल की सलाहकार समितियों से जुड़े प्रतिनिधियों द्वारा भी इन मुद्दों को उठाया जाता रहा है, इसके बावजूद समाधान नहीं हुआ।
दिल्ली-हरिद्वार सीधी ट्रेन की मांग-
पूर्व विधायक ने कहा कि कभी मंदसौर-नीमच क्षेत्र सीधे दिल्ली से रेल सेवा के माध्यम से जुड़ा हुआ था, लेकिन वर्तमान में क्षेत्र के लोगों को दिल्ली और हरिद्वार के लिए सीधी रेल सुविधा की कमी महसूस हो रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासी लंबे समय से दिल्ली-हरिद्वार से सीधी ट्रेन सुविधा की मांग कर रहे हैं, लेकिन इस दिशा में अपेक्षित प्रयास नहीं हुए हैं।
नई ट्रेनों और मेमू सेवा की मांग-
डॉ. जाजू ने क्षेत्र की प्रमुख रेल मांगों को दोहराते हुए कहा कि रतलाम-भिंड ट्रेन का नीमच तक विस्तार, असरवा-अहमदाबाद-चित्तौड़गढ़ ट्रेन का मंदसौर तक विस्तार तथा इंदौर-जोधपुर ट्रेन का जैसलमेर तक विस्तार किया जाना चाहिए। इसके अलावा महू-चंदेरिया के बीच मेमू ट्रेन और मंदसौर-चंदेरिया के बीच शटल रेल सेवा शुरू करने की मांग भी उन्होंने रखी।
वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों के संचालन की मांग-
डॉ. जाजू ने कहा कि रतलाम-नीमच और नीमच-चित्तौड़गढ़ रेल मार्ग के दोहरीकरण तथा स्टेशनों के उन्नयन के बाद इस रेलखंड पर तेज गति की ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने क्षेत्र के सांसदों से मांग की कि इस मार्ग पर वंदे भारत एवं अमृत भारत ट्रेनों के संचालन के लिए केंद्र सरकार के समक्ष सामूहिक प्रयास किए जाएं।
उन्होंने इंदौर-जयपुर, भोपाल-जयपुर, उदयपुर-मुंबई तथा अजमेर-हैदराबाद के बीच ट्रेनों के संचालन की मांग भी उठाई। इसके लिए इंदौर, भोपाल, उज्जैन, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, भीलवाड़ा, अजमेर और उदयपुर के सांसदों से संयुक्त रूप से रेल मंत्री के समक्ष प्रस्ताव रखने की अपेक्षा जताई।
स्टेशनों पर ठहराव की मांग को लेकर भी उठाया मुद्दा-
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि रतलाम-अजमेर रेलखंड के जावरा, दलौदा, पिपलियामंडी, मल्हारगढ़ और जावद रोड सहित विभिन्न स्टेशनों पर ट्रेनों के ठहराव की मांग लंबे समय से की जा रही है। उन्होंने कहा कि इन मांगों को लेकर कई बार आंदोलन भी हो चुके हैं और मांगें पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी तक दी गई है।
डॉ. जाजू ने सांसद सुधीर गुप्ता से क्षेत्र की रेल सुविधाओं से जुड़े इन मुद्दों पर सक्रिय पहल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए रेल सुविधाओं का विस्तार और नई ट्रेनों का संचालन अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने अपने बयान के अंत में कहा— “जो जागत है सो पावत है, जो सोवत है वो खोवत है।”