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September 10, 2026, 12:15 pm
BIG NEWS : मालवा के मंदसौर में बारिश के लिए अनोखा टोटका, अंधेरा होते ही श्मशान घाट में पहुंचे लोग, फिर गधों से कराया ये काम, पूजा-पाठ के बाद दोहराई पुरानी परंपरा, पढ़े रवि पोरवाल की खबर 

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मंदसौर। बारिश की लंबी खेंच के बीच इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए मंदसौर के चंद्रपुरा क्षेत्र के लोगों ने बुधवार रात एक अनोखी लोक-परंपरा दोहराई। लोगों ने श्मशान घाट में गधों से नमक और उड़द की बुवाई कराई। इससे पहले गधों को फूलों की माला पहनाई गई और काल भैरव के समक्ष पूजा-पाठ एवं धार्मिक रस्में पूरी की गईं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश नहीं होने पर पूर्वजों के समय से यह टोटका किया जाता रहा है। मान्यता है कि श्मशान घाट में गधों से बुवाई कराने और उन्हें छोड़ने के बाद उनके घर पहुंचने से पहले ही बारिश शुरू हो जाती है।

फूल-माला पहनाकर गधों को श्मशान घाट ले गए-
परंपरा के अनुसार बुवाई से पहले गधों को फूलों की माला पहनाई गई। इसके बाद उन्हें श्मशान घाट ले जाया गया। यहां काल भैरव के सामने पूजा-पाठ और धार्मिक रस्में पूरी की गईं। इसके बाद गधों से नमक और उड़द की बुवाई कराई गई। इस दौरान दो लोग भी गधों के पीछे नग्न अवस्था में माला पहनकर चले। स्थानीय लोगों ने इसे परंपरा का हिस्सा बताया।

बारिश होने पर गधों को खिलाते हैं गुलाब जामुन-
पार्षद प्रतिनिधि शैलेंद्र गिरी गोस्वामी ने बताया कि यह परंपरा उनके पूर्वजों के समय से चली आ रही है। मान्यता के अनुसार बारिश नहीं होने पर गधों को श्मशान घाट ले जाकर पूजा-पाठ और बुवाई कराई जाती है। इसके बाद उन्हें छोड़ दिया जाता है।

गोस्वामी के अनुसार लोगों का विश्वास है कि गधे अपने घर पहुंचें, उससे पहले ही बारिश शुरू हो जाती है। अच्छी बारिश होने के बाद इन्हीं गधों को दोबारा ढूंढा जाता है। इसके बाद उन्हें फूल-माला पहनाकर सम्मान दिया जाता है और गुलाब जामुन खिलाए जाते हैं।

2023 और 2025 में भी किया था टोटका-
स्थानीय लोगों के अनुसार वर्ष 2023 और 2025 में भी बारिश की कमी के दौरान इसी तरह की रस्म की गई थी। बारिश होने के बाद गधों को दोबारा ढूंढकर पशुपतिनाथ मंदिर के पास ले जाया गया था। यहां उन्हें फूल-माला पहनाकर गुलाब जामुन खिलाए गए थे।

पिछले साल के मुकाबले करीब 7 इंच कम बारिश-
स्थानीय लोगों के अनुसार मंदसौर जिले में इस वर्ष पिछले साल की तुलना में करीब 7 इंच कम बारिश हुई है। पिछले कुछ दिनों से भी क्षेत्र में अच्छी बारिश का इंतजार किया जा रहा है। बारिश की लंबी खेंच के बीच चंद्रपुरा क्षेत्र के लोगों ने अच्छी बारिश की उम्मीद में पूर्वजों से चली आ रही इस लोक-मान्यता को दोहराया।

इस दौरान शैलेंद्र गिरी गोस्वामी, संजय पंवार, सामावन सिंह भादोरिया, दुलीचन माली, नितिन सिंह, गोपाल पंवार, दीपक माली, दिनेश सिंह, मांगीलाल, मनोहर सिंह, अनुराग सिंह और भीम सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।

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