नीमच। नवरात्रि के दौरान आयोजित होने वाले व्यावसायिक गरबा आयोजनों की अनुमति निरस्त करने की मांग को लेकर शनिवार को सर्व हिंदू समाज के सदस्यों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर एएसपी हेमलता अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में गरबा एवं पूजा पंडालों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री और सेवन पर रोक लगाने के साथ मांस एवं अंडे की दुकानें बंद रखने की मांग की गई।
धार्मिक स्वरूप प्रभावित होने का आरोप-
सर्व हिंदू समाज ने ज्ञापन में कहा कि नवरात्रि मां शक्ति की आराधना एवं धार्मिक परंपरा का पर्व है। समाज के सदस्यों का आरोप है कि बड़े व्यावसायिक गरबा आयोजनों में धार्मिक स्वरूप के बजाय व्यवसाय और मनोरंजन को अधिक महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने अमर्यादित पहनावे, अशोभनीय प्रदर्शन एवं फूहड़ संगीत पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि इसका युवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
पंडालों में प्रवेश से पहले पहचान की जांच की मांग-
ज्ञापन में गरबा पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन से सख्ती की मांग की गई। समाज के सदस्यों ने आशंका जताई कि कुछ लोग पहचान छिपाकर अथवा गलत परिचय देकर पंडालों में प्रवेश कर सकते हैं। इसके मद्देनजर पंडालों में सजावट एवं अन्य कार्य करने वाले कर्मचारियों के पहचान-पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की गई।
नवरात्रि के दौरान मांस-अंडे की दुकानें बंद रखने की मांग
समाज ने नवरात्रि के नौ दिनों तक गरबा एवं पूजा पंडालों के आसपास मांस और अंडे की दुकानें बंद रखने की मांग की। साथ ही नशीले पदार्थों की बिक्री एवं सेवन पर प्रभावी रोक लगाने की मांग भी की गई। समाज के सदस्यों ने कहा कि यह मांग किसी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि धार्मिक आयोजनों की मर्यादा एवं वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से की जा रही है।
कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी-
ज्ञापन में कहा गया कि यदि कोई व्यक्ति नशे की हालत में अथवा पहचान छिपाकर गरबा पंडाल में प्रवेश करता है और प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं होती है, तो समाज द्वारा इसका विरोध किया जाएगा। सदस्यों ने ऐसी स्थिति में प्रशासन की जवाबदेही तय करने की बात कही।