गरोठ। मंदसौर जिले के गरोठ क्षेत्र में चार दिन के सूखे के बाद मानसून ने एक बार फिर दस्तक दी है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी तीन दिनों तक क्षेत्र में बादल छाए रहने के साथ रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। अचानक बदले मौसम से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। क्षेत्र में अधिकतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है।
बारिश लौटने से जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है, वहीं खेतों में तैयार खड़ी उड़द की फसल को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। गरोठ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में उड़द की फसल कटाई के अंतिम दौर में है। कई किसानों ने फसल काटकर खेतों में ही सूखने के लिए रखी हुई है।
बारिश से फसल खराब होने की आशंका-
कटाई के समय हुई बारिश से उड़द की फसल को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। किसानों के अनुसार फलियों में नमी आने से दाने अंकुरित होने, फसल के सड़ने और काला पड़ने का खतरा रहता है। इससे उड़द की गुणवत्ता के साथ उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है।
किसान मोतीलाल गुर्जर और लेखराज सिंह चंद्रावत ने बताया कि हवा के साथ हुई बारिश के कारण कई खेतों में खड़ी उड़द की फसल जमीन पर बिछ गई है। इससे फसल की कटाई में परेशानी होगी और उत्पादन एवं गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है।
तीन दिन बारिश रही तो कटाई-थ्रेशिंग पर पड़ेगा असर-
किसानों का कहना है कि यदि आगामी तीन दिनों तक मौसम इसी तरह बना रहा और रुक-रुककर बारिश होती रही, तो उड़द की कटाई और थ्रेशिंग का काम प्रभावित होगा। खेतों में कटी पड़ी फसल को सूखने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाएगा। ऐसे में किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
कृषि विभाग ने किसानों को दी सावधानी बरतने की सलाह-
कृषि विभाग के अधिकारी जितेंद्र आंजना ने किसानों को सलाह दी है कि कटी हुई उड़द की फसल को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल से ढककर सुरक्षित स्थान पर रखें। खेतों में जलभराव की स्थिति न बने, इसके लिए पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करें। उन्होंने किसानों से मौसम को देखते हुए फसल की सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानी बरतने की अपील की है।