कुकड़ेश्वर। कुकड़ेश्वर में पर्वाधिराज पर्युषण पर्व के दौरान भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक महोत्सव हर्ष, उमंग और उत्साह के साथ मनाया गया। जैन धर्मशाला में आयोजित जन्मोत्सव कार्यक्रम के दौरान शंखनाद, ढोल-नगाड़ों और भगवान महावीर के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। भगवान महावीर स्वामी के जन्म का वाचन होते ही श्रद्धालुओं ने केसरिया छापे लगाए, नारियल फोड़े और अक्षत उछालकर एक-दूसरे को जन्मोत्सव की बधाइयां दीं।
जन्मोत्सव के अवसर पर नन्हे-मुन्ने भैया-बहनों ने भगवान महावीर स्वामी के जीवन एवं जन्म कल्याणक पर आधारित आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। सकल जैन श्रीसंघ की उपस्थिति में स्वाध्याय बंधुओं ने भगवान महावीर स्वामी के जन्म का वाचन किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ जयकारे लगाए और जन्मोत्सव की खुशियां मनाईं।
बोलियों में श्रद्धालुओं ने लिया लाभ-
कार्यक्रम के दौरान पालना जी की बोली, माता त्रिशला द्वारा देखे गए 14 स्वप्नों की बोलियां, आरती, अष्टमंगल, कल्पसूत्र पर वासक्षेप एवं पुष्प चढ़ाने तथा भगवान महावीर के जन्म के पश्चात सर्वप्रथम डंका बजाने की बोलियां लगाई गईं।
पालना जी की सर्वाधिक बोली नरेंद्र कुमार, ऋषभ कुमार एवं जयंत कुमार छाजेड़ परिवार द्वारा लगाई गई। वहीं महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव की प्रभावना का लाभ विजय कुमार एवं राजेंद्र कुमार श्रीमाल परिवार ने लिया। कार्यक्रम में विशेष रूप से स्वाध्याय बंधु दर्शन मारू उज्जैन, राजेंद्र संचेती जावरा, पूर्ण प्रकाश गांधी सिंगोली एवं विजय जैन जावद उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अरुण जोधावत ने किया।
बैंड-बाजों के साथ निकली भव्य शोभायात्रा-
धर्मशाला में आरती के पश्चात जैन मंदिर से भगवान महावीर स्वामी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। बैंड-बाजे, ढोल-ढमाके और भगवान महावीर के जयकारों से नगर का वातावरण धर्ममय हो गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्साहपूर्वक शोभायात्रा में शामिल हुए।
शोभायात्रा कन्या शाला रोड, सदर बाजार, भटवाड़ा मोहल्ला, मुखर्जी चौक, बस स्टैंड, भारत माता चौराहा, मीणा चौक एवं लोहार मोहल्ला होते हुए श्री पार्श्वनाथ जैन मंदिर पहुंची। यहां सकल जैन श्रीसंघ एवं समाजजनों की उपस्थिति में भगवान महावीर स्वामी की आरती की गई।
जन्म कल्याणक महोत्सव के दौरान पूरा जैन समाज भक्ति और उत्साह में डूबा नजर आया। श्रद्धालुओं ने भगवान महावीर स्वामी के संदेशों को जीवन में आत्मसात करने तथा अहिंसा, सत्य, संयम और करुणा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।