आरनी। मेवाड़ की समृद्ध लोक संस्कृति और पारंपरिक लोकनाट्य गवरी को लेकर आरनी में 14 सितंबर को विशेष आयोजन होगा। रमेश राजकोट (आरनी) की ओर से झांतला मातेश्वरी मेला ग्राउंड में सोमवार, 14 सितंबर को मेवाड़ की प्रसिद्ध गवरी का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर किशन पनौतीय की गवरी की प्रस्तुति होगी।
गवरी मेवाड़ की प्राचीन एवं विशिष्ट लोक परंपराओं में शामिल है। इसमें नृत्य, संगीत, अभिनय, संवाद और धार्मिक आस्था का अनूठा संगम देखने को मिलता है। गवरी का संबंध मेवाड़ के भील समाज की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से है। इसमें विभिन्न पौराणिक एवं लोक प्रसंगों का जीवंत मंचन किया जाता है।
लोक आस्था से जुड़ी है गवरी-
ग्रामीण अंचलों में गवरी को लेकर वर्षों से अनेक लोक मान्यताएं प्रचलित हैं। बुजुर्गों के अनुसार, वर्ष में कम से कम एक बार गवरी के दर्शन करना शुभ माना जाता है। इसके साथ परिवार में सुख-समृद्धि एवं स्वस्थ जीवन की कामना जुड़ी हुई है।
इसी लोक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा के चलते गवरी देखने के लिए आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। आयोजन को लेकर ग्रामीणों में उत्साह बना हुआ है।