चित्तौड़गढ़। मेवाड़ के प्रसिद्ध श्री शेषावतार कल्लाजी वेदपीठ मंदिर पर हर वर्ष के भांति इस वर्ष भी शारदीय नवरात्रि से अनुष्ठान आश्विन शुक्ला प्रतिपदा के शुभ महूर्त में घट स्थापना के साथ प्रारंभ कर दिए गए हैं।
वेदपीठ के आचार्यो ने बताया कि इस दौरान सहस्त्र चंडी के नौ अक्षरों का नवार्ण मंत्र के अखंड जाप किए जा रहे हैं। इसी प्रकार वेद विद्यालय के बटुकों द्वारा भी जाप अनुष्ठान अनवरत किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मां दुर्गा के पंचम स्वरूप स्कंदमाता श्रद्धा पूरित वेदपीठ पर स्थापित हैं। उस दिन विशेष अनुष्ठान करने के साथ ही दुर्गा अष्टमी को पंच कुंडीय दुर्गा महायज्ञ आयोजित किया जाएगा। नवरात्रि के दौरान वेदपीठ पर कल्याणनगरी के राजाधिराज ठाकुर श्री कल्लाजी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही हैं। इस दौरान दुर्गा सप्तशती के पाठ करते हुए सर्वत्र सुख शांति की कामना की जा रही हैं। साथ ही मां दुर्गा के मंत्र जाप करने से नौ ग्रहों में से किसी भी ग्रह की दिशा विपरीत होने पर सुख शांति मिलती हैं। प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े राष्ट्रीय दशहरा मेले में वेदपीठ की ओर से मेलार्थियों की जल सेवा के लिए प्याऊ स्थापित की गई हैं। जिसका शुभारंभ वेदपीठ के नियासियों द्वारा आश्विन शुक्ला प्रतिप्रदा को किया गया। इस प्याऊ के माध्यम से आमजन को शीतल पयेजल की सुविधा मिलेगी।